मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Elections) के बीच एनसीपी चीफ व डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) ने एक इंटरव्यू में ऐसा बयान दे दिया है जिससे राजनीतिक बवाल मच गया है। बता दें कि अजित पवार की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि पांच साल पहले बिजनसमैन गौतम अडाणी (Businessman Gautam Adani) बीजेपी और एनसीपी (अविभाजित) के बीच हुई उन चर्चाओं में शामिल थे, जिसकी वजह से उद्धव ठाकरे की एमवीए (MVA) सरकार गिर गई थी।
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अजित पवार उस मुलाकात की बात कर रहे थे, जिसके तुरंत बाद उन्होंने चाचा शरद पवार का साथ छोड़ कर बीजेपी (BJP) को समर्थन दिया था और साल 2019 में देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री रहते खुद को डिप्टी सीएम के पद पर पहुंचा दिया था। न्यूजलॉन्ड्री को दिए एक इंटरव्यू में अजित पवार यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि अमित शाह (Amit Shah), गौतम अडाणी(Gautam Adani), प्रफुल पटेल(Praful Patel), देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis), पवार साहेब, सब वहीं मौजूद थे। यह डिस्कशन सबके साथ हुआ था।
BIG EXPOSE
BJP’s close ally Ajit Pawar exposed BJP-Adani nexus
“Gautam Adani was involved with Amit Shah to break Maharashtra Govt in 2019”
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This is the biggest proof that Adani is dictating BJP’s politics
RaGa was always right
pic.twitter.com/oxGQFpjhFy — Ankit Mayank (@mr_mayank) November 12, 2024
बीजेपी का साथ देने पर क्या बोले अजित पवार?
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एनसीपी और बीजेपी के बीच वैचारिक मतभेद को बावजूद अजित पवार ने बीजेपी को समर्थन दिया। जब एनसीपी चीफ से यह सवाल किया गया कि उन्होंने ऐसा क्यों किया? तो पवार ने कहा कि 2014 में बीजेपी को एनसीपी का बाहरी समर्थन मिला था, तभी वह सरकार बना सकी थी। उन्होंने कहा कि साल 2014 में जब विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे, तब एनसीपी प्रवक्ता प्रफुल्ल पटेल ने घोषणा की थी कि हम बीजेपी को बाहर से समर्थन देंगे।
शरद पवार ने क्यों नहीं दिया बीजेपी का साथ?
यह पूछे जाने पर कि सीनियर पवार (शरद पवार) बाद में बीजेपी को समर्थन देने से पीछे क्यों हट गए थे? अजित पवार ने जवाब दिया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। अजित पवार ने कहा कि पवार साहब एक ऐसे नेता हैं जिनके दिमाग को दुनिया में कोई नहीं पढ़ सकता। मेरी चाची (शरद पवार की पत्नी प्रतिभा) या सुप्रिया सुले भी उनका दिमाग नहीं पढ़ सकते।
बता दें, शरद पवार ने साल 2019 में बीजेपी के पावर शेयरिंग पर चर्चा में किसी भी तरह की भागीदारी से लगातार इनकार किया है। बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस ने पिछले साल आरोप लगाया था कि शरद पवार ने 2017 और 2019 के बीच बीजेपी के साथ कई बैठकें की थीं।