ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति का गोचर विशेष स्थान रखता है। ये ज्ञान, बुद्धि, विवेक, धर्म, संतान और सौभाग्य के कारक हैं। इन्हें पीला रंग, स्वर्ण और शिक्षा का नियंत्रक माना जाता है। इस समय बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर कर रहे हैं।
Guru Gochar 2026 : ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति का गोचर विशेष स्थान रखता है। ये ज्ञान, बुद्धि, विवेक, धर्म, संतान और सौभाग्य के कारक हैं। इन्हें पीला रंग, स्वर्ण और शिक्षा का नियंत्रक माना जाता है। इस समय बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर कर रहे हैं। स्वराशि में उनका यह गोचर 12 साल बाद जून में हुआ है। मगर अब जल्द ही यह ग्रह अतिचारी होकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।
ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, गुरु अतिचारी गति से गमन करते हुए 31 अक्टूबर को कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु के इस गोचर से कुछ राशियों को जबरदस्त लाभ मिलेगा। इन्हें करियर में जो संघर्ष करना पड़ रहा है वह गुरु के गोचर के बाद समाप्त होगा। इन राशियों के लिए उन्नति और सफलता के रास्ते अक्टूबर के बाद से खुलते नजर आएंगे। आइए जानें गुरु का यह गोचर किन राशियों के लिए तरक्की के रास्ते खोलने वाला साबित होगा?
मेष राशि : देव देवगुरु का गोचर आपकी राशि के पांचवे भाव में होने जा रहा है। अक्टूबर के बाद से समय आपके लिए बदलेगा। इस राशि के विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी। साथ ही नौकरीपेशा लोगों के लिए समय बहुत ही शुभ रहने वाला है।
कर्क राशि : गुरु का गोचर कर्क राशिवालों के दूसरे भाव में होने जा रहा है। कर्क राशि के जातकों के लिए अक्टूबर के बाद का समय बहुत ही उन्नति दिलाने वाला और सफलता दिलाने वाला रहेगा। इस दौरान आपके धार्मिक कार्यों से जुड़े खर्चे काफी ज्यादा करेंगे। ऐसा करने से आपको मानसिक सुकून मिलेगा।
तुला राशि : तुला राशिवालों के लिए गुरु का गोचर आपकी राशि के 11वें भाव में होने जा रहा है। इस राशि के छात्रों को खूब सफलता मिलेगी। अगर आप उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं तो इस समय आपकी यह इच्छा पूरी हो सकती है।
धनु राशि : धनु राशि के लोगों के लिए गुरु अब उनके भाग्य भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में धनु राशि के लोगों को अब भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। आप इस दौरान कोई संपत्ति आदि भी खरीद सकते हैं।