नई दिल्ली। आज देश की राजनीति में युवाओं और जेन-जी वोटर्स की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और तेज़ी से बदलते राजनीतिक मुद्दों के बीच युवा मतदाता अब सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि राजनीतिक विमर्श को प्रभावित करने वाली ताकत बनते जा रहे हैं। भारत की राजनीति में Gen Z एक नया पावर सेंटर बनकर उभर रही है। 18 से 29 साल की उम्र वाले करोड़ों युवा अब सिर्फ वोटर नहीं, बल्कि नीति और राजनीति की दिशा तय करने वाली ताकत बन सकते हैं। 2029 के लोकसभा चुनाव तक Gen Z की भूमिका और बड़ी हो सकती है।
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1997 से 2012 के बीच जन्म लेने वाले अब सिर्फ एक उम्र का समूह नहीं, भारत की सबसे बड़ी पीढ़ी का यूं कहें अहम वोट बैंक बन चुका है। देश के कई राज्यों में हर तीन में से एक मतदाता Gen-z है। बता दें कि जेन-जी के बीच रोजगार, शिक्षा, महंगाई, तकनीक, पारदर्शिता और बेहतर भविष्य जैसे मुद्दे खास महत्व रखते हैं। राजनीतिक दल भी इस बदलते रुझान को समझते हुए युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए सोशल मीडिया और डिजिटल कैंपेन पर पहले से ज्यादा जोर दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले चुनावों में युवा मतदाताओं की पसंद और उनकी राजनीतिक सक्रियता कई सीटों पर चुनावी समीकरण बदल सकती है। हालांकि, जेन-जी का रुख किसी एक दल या विचारधारा तक सीमित नहीं माना जा सकता। यह पीढ़ी मुद्दों, प्रदर्शन और नेतृत्व के आधार पर अपनी राय बनाने को प्राथमिकता देती है। ऐसे में आने वाले समय में राजनीतिक दलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ युवाओं को आकर्षित करना नहीं, बल्कि उनके सवालों और अपेक्षाओं का ठोस जवाब देना होगी। साफ है कि सियासत के अगले दौर में जेन-जी की आवाज को नजरअंदाज करना राजनीतिक दलों के लिए आसान नहीं होगा।
2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में 7 राज्यों की Gen Z बदल सकती है सरकार
आज देश की राजनीति में युवाओं और जेन-जी वोटर्स की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है। छात्रों के आंदोलनों से लेकर चुनावी मैदान तक, क्या जेन-जी अब भारतीय राजनीति का नया गेम चेंजर बन चुका है। अगले साल उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन 7 राज्यों में करीब 22 प्रतिशत मतदाता 18 से 29 साल की उम्र के हैं। ऐसे में सवाल बड़ा है कि क्या युवा वोटर्स इस बार चुनावी नतीजों का पूरा गणित बदल सकते हैं?
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ये आंकड़े बयां कर रहे हैं Gen-z की पॉवर
उत्तर प्रदेश 33.9 फीसदी वोटर
राजस्थान 32.3 फीसदी वोटर
मध्य प्रदेश 31.4 फीसदी वोटर
बिहार 36.7 फीसदी वोटर
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देश में Gen Z वोटर 29.2फीसदी
पूर्वोत्तर भारत में 30.2 फीसदी वोटर
Gen Z को साधने के लिए मोदी-राहुल की नई डिजिटल रणनीति
अब देश की सियासत की जंग इंस्टाग्राम रील्स, स्टोरीज और ‘ Ask Me Anything ‘ जैसे डिजिटल फॉर्मेट पर लड़ी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अलग-अलग अंदाज में जेन जी तक पहुंचने की कोशिश कर यह साफ कर दिया है कि युवा मतदाताओं तक पहुंचने का नया रास्ता सोशल मीडिया बन चुका है। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों को भी इंस्टाग्राम पर ज्यादा सक्रिय रहने, रील्स बनाने और इंटरैक्टिव सेशन करने की सलाह दी थी। उनका मानना है कि युवा वर्ग तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। इससे साफ है कि भारतीय राजनीति अब भाषणों से आगे बढ़कर रील्स, स्टोरीज और इंटरैक्टिव कंटेंट के दौर में प्रवेश कर चुकी है।