नई दिल्ली। अडाणी पावर (Adani Power) ने बिजली बिल का बकाया पेमेंट करने के लिए बांग्लादेश की अंतरिम मोहम्मद यूनुस सरकार (Mohammad Yunus Government) को चार दिन की मोहलत दी है। कंपनी ने पहले ही बांग्लादेश की बिजली आपूर्ति आधी कर दी है। ग्रुप की कंपनी अडाणी पावर झारखंड लिमिटेड (APJL) ने 846 मिलियन डॉलर (करीब 7,118 करोड़ रुपए) बकाए का भुगतान नहीं होने पर यह कदम उठाया है।
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बांग्लादेश के पावर ग्रिड के डेटा के मुताबिक APJL ने गुरुवार रात से इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई में यह कटौती की है। इस कटौती से बांग्लादेश को एक रात में 1,600 मेगावाट से ज्यादा की पावर शॉर्टेज का सामना करना पड़ा। 1,496 मेगावाट का बांग्लादेशी प्लांट अब 700 मेगावाट पर काम कर रहा है।
बांग्लादेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (Bangladesh Electricity Board) ने बताया कि हमने पुराने बिल चुका दिए हैं, लेकिन जुलाई से अडाणी के चार्जेज हर हफ्ते 22 मिलियन डॉलर से ज्यादा हो गए। जबकि PDB लगभग 18 मिलियन डॉलर का भुगतान कर रहा है, जिसके चलते बकाया राशि बढ़ती जा रही है।
अडाणी पावर लिमिटेड (APL) ने 10 अप्रैल 2023 से अपने पावर प्रोजेक्ट के जरिए बांग्लादेश को बिजली एक्सपोर्ट शुरू किया था। कंपनी ने 2017 में पावर पर्चेज एग्रीमेंट के तहत 25 सालों तक गोड्डा पावर प्लांट से बांग्लादेश को बिजली आपूर्ति करने के लिए डील की थी।
पिछले साल प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात के बाद गौतम अडाणी ने ट्विटर पर तस्वीर शेयर की थी। उन्होंने लिखा था, ‘1600 मेगावाट के अल्ट्रा सुपर-क्रिटिकल गोड्डा पावर प्लांट (Ultra Super-Critical Godda Power Plant) के फुल लोड शुरुआत और हैंडओवर पर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात करके सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं भारत और बांग्लादेश की समर्पित टीमों को सलाम करता हूं, जिन्होंने कोविड का सामना करने के बाद भी साढ़े तीन साल के रिकॉर्ड समय में प्लांट को चालू कर दिया।’
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थर्मल पावर प्रोड्यूस करने वाली अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी पावर को वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में 3,298 करोड़ रुपए का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Net Profit) हुआ है। सालाना आधार पर इसमें 50% की कमी आई है। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी को 6,594 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था।
ऑपरेशनल रेवेन्यू की बात करें तो जुलाई-सितंबर तिमाही में यह 13,339 करोड़ रुपए रहा। सालाना आधार पर इसमें 3% की बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने 12,991 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। वस्तुओं और सेवाओं को बेचने से हुई आय को रेवेन्यू या राजस्व कहा जाता है।