Granthita Mudra Yoga : आज की रफ्तार भरी जिंदगी में थकान, घबराहट और चिड़चिड़ापन जैसी समस्या आम हो गई हैं। वहीं काम काज के दबाव में गलत दिनचर्या के चलते लोग गले में भारीपन और आवाज बैठने जैसी दिक्कतों का सामना करते हैं। इन्हीं समस्याओं से राहत देने के लिए योग में ग्रंथित मुद्रा की जाती है जो की हाथों से की जाने वाली एक सरल मुद्रा है।
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फायदे
इस मुद्रा का पहला फायदा गले की सेहत से जुड़ा है। जिन लोगों का बार-बार गला खराब रहता है, आवाज बैठ जाती है, या बोलते समय थकान महसूस होती है, उनके लिए यह मुद्रा मददगार मानी जाती है। इसे करने से गले के आसपास खून का बहाव बेहतर होता है, जिससे जकड़न और भारीपन कम हो सकता है।
घबराहट में सहायक
ग्रंथित मुद्रा तनाव और घबराहट को कम करने में भी सहायक होती है। जब हम तनाव या किसी बात को लेकर अंदर ही अंदर बोझिल महसूस करते हैं, तो यही बोझ आगे चलकर बेचैनी और डर की वजह बनता है। इस मुद्रा को करते समय गहरी सांस लेने से दिमाग को आराम मिलता है और मन धीरे-धीरे शांत होने लगता है।
दिमाग शांत रहता है
ग्रंथित मुद्रा नींद की गुणवत्ता सुधारने में भी मदद कर सकती है। आज बहुत से लोग रात में देर तक जागते रहते हैं, बार-बार नींद टूटती है, या सपने ज्यादा आते हैं। ग्रंथित मुद्रा से दिमाग शांत रहता है, जिससे नींद गहरी और आरामदायक होती है। इसे सोने से पहले करने से अच्छा असर देखा जाता है।