नई दिल्ली। वायु प्रदूषण के स्तर में हो रही बढ़ोत्तरी को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का चरण-2 तत्काल प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर में लागू कर दिया है। बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन की तरफ से ये सख्ती की गयी है।
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ग्रैप-2 के अंतर्गत कोयला और लड़की के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसमें होटल, रेस्तरां और ढाबों में तंदूर का उपयोग भी शामिल है। साथ ही, लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने और निजी वाहनों का प्रयोग कम से कम करने की अपील किया गया है। लोगों से कहा जाता है कि वो अपनी गाड़ियों में निर्धारित अंतराल पर एयर फिल्टर बदलें। निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग दरों में बढ़ोतरी की जा रही है। बिजली के लिए जनरेटर पर पाबंदी और आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर का इस्तेमाल न करने जैसे उपायों को सख्ती से लागू करने को कहा है।
एनसीआर की सड़कों पर धूल कम करने के लिए नागरिक निकायों (सिविल बॉडीज) ने मैकेनिकल स्वीपिंग (यांत्रिक सफाई) और डस्ट सप्रेसेंट (धूल रोकने वाले एजेंट) के साथ पानी का छिड़काव तेज कर दिया है।
बता दें कि सोमवार (2 नवंबर) को दिल्ली में इस मौसम में पहली बार एयर क्वालिटी ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गया। वहीं, तीन केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। दिल्ली का एक्यूआई 324 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। यह इस साल 4 फरवरी के बाद से सबसे अधिक है, जब एक्यूआई 339 दर्ज किया गया था।