नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा के नियम में बड़े बदलाव किए हैं। इसके साथ ही अब नए आवेदन के साथ 100,000 डॉलर यानी 88 लाख रुपये से ज्यादा की फीस देना जरूरी होगा। ट्रंप के इस फैसले के बाद भारतीय प्रोफेशनल्स को अमेरिका में नौकरी पाने में मुश्किलें आ सकती है। ऐसे में विपक्ष के नेताओं ने मोदी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
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आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल का बयान आया है। उन्होंने कहा, प्रधान मंत्री जी, कुछ तो करो। 140 करोड़ लोगों का प्रधान मंत्री आख़िर इतना बेबस क्यों है? क्या आपसे कुछ भी संभल नहीं रहा है?
प्रधान मंत्री जी, कुछ तो करो।
140 करोड़ लोगों का प्रधान मंत्री आख़िर इतना बेबस क्यों है?
क्या आपसे कुछ भी संभल नहीं रहा है? #h1bvisa
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— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 20, 2025
माना जा रहा है कि अमेरिका के इस कदम का असर सबसे ज्यादा भारत में देखने को मिल सकता है। दरअसल, एच-1बी वीजा की सबसे ज्यादा मांग भारत में ही रही है। बड़ी संख्या में इंजीनियर्स, डॉक्टर्स, आदि उच्च कौशल क्षमता वाले पेशेवर इस वीजा के जरिए ही अमेरिका जाकर वहां की कंपनियों के लिए काम कर पाते हैं। भारत के अलावा चीन और कुछ अन्य विकासशील देश के नागरिक भी अमेरिका जाकर नौकरी करने के लिए एच-1बी वीजा पर ही निर्भर हैं।