Hartalika Teej 2025 : आज देशभर में हरतालिका तीज का महापर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। हरतालिका के व्रत का पालन सौभाग्य की कामना के लिए किया जाता है। महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रख रही हैं। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। आज के दिन महिलाएं रतजगा करेंगी।
पढ़ें :- Devshayani Ekadashi 2026 : देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु योगनिद्रा काल में प्रवेश करते हैं , जानें चातुर्मास की शुरुआत की तिथि
शुभ योग
हरतालिका तीज पर रवि योग, साध्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे कई शुभ योग बन रहे हैं, जो इस पर्व के महत्व को और बढ़ा देते हैं। यह व्रत कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर और विवाहित महिलाओं को पति की लंबी आयु का आशीर्वाद प्रदान करता है।
रातभर पूजन-भजन
हरतालिका तीज की शाम को घरों में बालूरेत व मिट्टी से शिव एवं पार्वती की प्रतिमा बनाकर पाटा सजाया जाएगा और रातभर पूजन-भजन के बाद अगले दिन सुबह विसर्जित किया जाएगा।
हरतालिका तीज पर भोग लगाने का नियम
भगवान शिव और माता पार्वती को भोग लगाते समय मन को शुद्ध रखें।
पूजा करते समय भोग हमेशा साफ-सुथरे बर्तन में ही रखें।
भोग को भगवान के सामने रखकर आरती उतारें।
हरतालिका तीज के दिन व्रत रखने वाली महिलाएं भोग के बाद ही अपना व्रत तोड़ें।
दान
शास्त्रों के अनुसार तीज में सुहागिन महिलाएं अपने श्रृंगार का दान करती हैं।