पड़ोसी देश बांग्लादेश में जेल में बंद हिंदू अधिकारों के नेता चिन्मय कृष्ण दास को हाई कोर्ट ने रविवार, 2 अगस्त को दो मामलों में जमानत दे दी। खबरों के अनुसार उनके वकील ने यह जानकारी दी।
Saint Chinmay Krishna Das : पड़ोसी देश बांग्लादेश में जेल में बंद हिंदू अधिकारों के नेता चिन्मय कृष्ण दास को हाई कोर्ट ने रविवार, 2 अगस्त को दो मामलों में जमानत दे दी। खबरों के अनुसार उनके वकील ने यह जानकारी दी।
हालांकि, इस जमानत का मतलब यह नहीं है कि वह तुरंत जेल से बाहर आ जाएंगे, क्योंकि उनके खिलाफ अभी चार और मामले चल रहे हैं। चिन्मय कृष्ण दास एक हिंदू संत हैं, जिन्हें नवंबर 2024 में बांग्लादेश के अंदर देशद्रोह (Sedition) के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
भारत ने गिरफ्तारी पर गहरी चिंता जताई थी
संत चिन्मय कृष्ण दास पर आरोप था कि उन्होंने बांग्लादेश के झंडे (Bangladesh flags) का अपमान किया है। संत की गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश में प्रदर्शन हुए और सांप्रदायिक तनाव (Communal tension) बढ़ गया। इसके बाद में उनके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश और तोड़फोड़ समेत कई और मामले दर्ज किए गए। उस समय भारत ने उनकी गिरफ्तारी पर गहरी चिंता जताई थी और ढाका में बैठी सरकार से कहा था कि वह हिंदुओं और सभी अल्पसंख्यकों (Minorities) की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
चार अन्य मामले अभी भी लंबित
चिन्मय कृष्ण दास के वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य ने रविवार को कहा कि हाई कोर्ट की दो जजों वाली बेंच ने हत्या की कोशिश, तोड़फोड़ और सरकारी अधिकारियों को अपना काम करने से रोकने से जुड़े दो मामलों में उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। सरकारी पक्ष और बचाव पक्ष, दोनों के वकीलों ने कहा कि इस फैसले के बावजूद चिन्मय कृष्ण दास (Chinmay Krishna Das) की तुरंत रिहाई नहीं होगी, क्योंकि उनके खिलाफ देशद्रोह और हत्या समेत चार अन्य मामले अभी भी लंबित है।