Heatwave Alert : मई का महीना अभी शुरू हुआ नहीं कि आसमान से आग की बारिश होने लगी । मौसम का पारा सातवें आसमान पर पहुंचने लगा है। देशभर में भीषण गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है, जिसका सबसे ज्यादा प्रभाव बच्चों पर पड़ रहा है। मौसम के इस कर में बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों के समय में बदलाव और छुट्टियां जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि उन्हें लू और तेज धूप से बचाया जा सके। ते
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विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती गर्मी के साथ सावधानी बरतना बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि जरा सी लापरवाही बच्चों के लिए गंभीर समस्या बन सकती है। ऐसे में माता-पिता और स्कूल दोनों को गर्मी से बचाव के लिए एहितियात बरतना जरूरी हो गया है।
बच्चों को ज्यादा खतरा क्यों?
बच्चे गर्मी के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं।
उनका शरीर जल्दी गर्म हो जाता है,
उन्हें पसीना कम आता है,
और वे डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेत पहचान नहीं पाते।
ऐसे में हीट स्ट्रोक, थकावट और पानी की कमी जैसी समस्याएं जल्दी हो सकती हैं।
बच्चों को दोपहर में घर के अंदर रखें,
उन्हें पर्याप्त पानी पिलाएं,
मौसम की जानकारी लेते रहें,
और स्कूल के निर्देशों का पालन करें।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अगर बच्चे में ज्यादा पसीना, चक्कर, सिरदर्द, उल्टी, तेज दिल की धड़कन या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत सावधान हो जाएं। ऐसे में शरीर को ठंडा रखना और पानी देना बेहद जरूरी है।
बच्चों को सुरक्षित रखने के आसान उपाय
बच्चों को बार-बार पानी, नारियल पानी या ORS दें।