यूपी (UP) के हरदोई जिले (Hardoi District) में रोडवेज बस स्टैंड पर बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। दो बसों के बीच में फंसकर एक महिला की मौत हो गई। स्टैंड पर दो बसें एक साथ खड़ी थीं। एक महिला दोनों के बीच से होकर निकलने लगी। तभी दोनों ड्राइवरों ने अचानक अपनी-अपनी बस आगे बढ़ा दी। इससे महिला दोनों के बीच में फंस गई।
हरदोई। यूपी (UP) के हरदोई जिले (Hardoi District) में रोडवेज बस स्टैंड पर बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। दो बसों के बीच में फंसकर एक महिला की मौत हो गई। स्टैंड पर दो बसें एक साथ खड़ी थीं। एक महिला दोनों के बीच से होकर निकलने लगी। तभी दोनों ड्राइवरों ने अचानक अपनी-अपनी बस आगे बढ़ा दी। इससे महिला दोनों के बीच में फंस गई।
जब तक दोनों ड्राइवर कुछ समझ पाते, महिला बसों के बीच फंसकर पिच्चा हो गई। खड़े-खड़े ही उसका सिर फट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने शोर मचाया, तब दोनों ड्राइवरों को हादसे का पता चला। हादसा शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित रोडवेज बस अड्डे पर बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ है।
कोतवाली देहात (Kotwali Dehat) क्षेत्र के खेतुई गांव में रहने वाली नेहा सिंह (32) एक फॉर्मा (दवा) कंपनी में काम करती थीं। बुधवार सुबह वह उन्नाव के बांगरमऊ में एक कंपनी की मीटिंग में शामिल होने के लिए घर से निकली थीं। स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नेहा बस स्टैंड पर बैठी थीं। तभी उन्नाव जाने वाली बस आ गई। नेहा बस पकड़ने के लिए उठीं। स्टैंड पर पहले से खड़ी कन्नौज डिपो और हरदोई डिपो की बसों के बीच से होकर निकलने लगीं। तभी दोनों बसों के ड्राइवरों ने बस स्टार्ट कर आगे बढ़ा दी। इससे नेहा खड़े-खड़े ही दोनों बसों के अगले हिस्से के बीच फंस गईं।
नेहा चीखी-चिल्लाई, तो लोग दौड़े
इसके बाद नेहा बचाने के लिए चीखने-चिल्लाने लगीं। इस पर आसपास के लोग दौड़ पड़े। शोर मचाकर दोनों के ड्राइवरों को रोका, लेकिन तब तक नेहा बुरी तरह से पिच्चा हो चुकी थीं। उनका सिर दोनों बसों के बीच में फंसकर पिच्चा हो गया था। लोगों ने नेहा को बसों के बीच से निकालकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
वहीं भाभी की मौत की खबर मिलते ही नेहा के देवर वीरेश सिंह मौके पर पहुंचे। उनका आरोप है कि हादसा दोनों बस ड्राइवरों की लापरवाही से हुआ है। बिना यह देखे कि सामने कोई व्यक्ति मौजूद है या नहीं, दोनों बसों को एक साथ आगे बढ़ा दिया गया।
10 साल पहले पति की भी ऐसे ही हुई थी मौत
वीरेश ने बताया- भाभी नेहा परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के लिए नौकरी कर रही थीं। 10 साल पहले मेरे भाई (नेहा के पति) सर्वेश सिंह की भी हादसे में जान चली गई थी। उनकी भी डीसीएम और ट्रक के बीच फंसकर मौत हो गई थी। उनकी 15 साल की बेटी रिया सिंह और 11 साल का बेटा विवेक है। हादसे के बाद दोनों बच्चे अनाथ हो गए।