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यूपी में कोई आईएएस आंजनेय सिंह से नहीं है योग्य, प्रतिनियुक्ति पर रहने का बनाया कीर्तिमान, आगे भी रहने की उम्मीद

By Satish Singh 
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मुरादाबाद। कमिश्‍नर आंजनेय सिंह ने पूर्व मंत्री आजम खान पर लगातार कार्रवाई की थी। आईएएस अधिकारी आंजनेय सिंह सिक्किम कैडर के हैं। वह यूपी में 2015 में प्रतिनियुक्ति पर आए थे। रामपुर डीएम रहते हुए उन्‍होंने आजम खान और अब्‍दुल्‍ला आजम पर कई एक्‍शन लिए थे। तेजतर्रार आईएएस अधिकारी आंजनेय सिंह फिर सुर्खियों में हैं। 14 अगस्‍त को मुरादाबाद मंडल के कमिश्‍नर पद पर तैनात आंजनेय सिंह की प्रतिनियुक्ति अवधि पूरी हो गई। मुरादाबाद के डीएम अनुज सिंह को अपना कार्यभार सौंपकर वे छुट्टी पर चले गए हैं। रामपुर में डीएम रहते हुए पूर्व मंत्री आजम खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई से वे चर्चित हुए थे।

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उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में आंजनेय कुमार सिंह का नाम पिछले दस सालों से लगातार चर्चा में रहा है। सिक्किम कैडर के 2005 बैच के आईएएस अधिकारी आंजनेय कुमार 2015 से यूपी में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। बता दें कि 14 अगस्त 2025 को उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि पूरी हो गई और उन्होंने कार्यभार जिलाधिकारी अनुज सिंह को सौंपकर अवकाश ले लिया है। लेकिन सवाल अब यह उठ रहा है कि क्या उनका कार्यकाल एक बार फिर बढ़ सकता है। आंजनेय कुमार का नाम खासतौर पर रामपुर जिले में तैनाती के दौरान चर्चा में आया जब वे वहां के जिलाधिकारी थे। बता दें कि उन्होंने पूर्व मंत्री आजम खान के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कदम उठाए थे। इन कार्रवाइयों ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया और इसकी वजह से राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया भी देखने को मिली।

लगातार मिलता रहा कार्यकाल में विस्तार

आंजनेय कुमार सिंह का उत्तर प्रदेश में कार्यकाल केवल एक नियमित प्रतिनियुक्ति न होकर एक लंबी और प्रभावशाली प्रशासनिक यात्रा रही है। साल 2015 में यूपी में प्रतिनियुक्ति के साथ शुरू हुई उनकी यह पारी धीरे-धीरे विस्तार लेती गई। सबसे पहले फरवरी 2024 में उन्हें छह महीने का सेवा विस्तार दिया गया। इसके बाद अगस्त 2024 में एक बार फिर उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने उनके कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया जो 14 अगस्त 2025 को समाप्त हुआ। इस प्रकार उनका यूपी में कार्यकाल कुल मिलाकर लगातार दस सालों तक चला जो किसी भी आईएएस अधिकारी के लिए एक विशेष और असाधारण उपलब्धि मानी जाती है।

फिर से मिल सकता है किया उत्तर प्रदेश का कार्यकाल

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सूत्रों की मानें तो अभी तक केंद्र सरकार से कोई नया आदेश नहीं मिला है लेकिन प्रशासनिक स्थिरता, उनके अनुशासन, और दबाव में भी निर्णय लेने की क्षमता को देखते हुए यह माना जा रहा है कि एक और सेवा विस्तार संभव है। शासन स्तर पर इस पर सकारात्मक विचार किया जा रहा है।

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