Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. क्षेत्रीय
  3. Video- ‘एक खून माफ होता तो ज्ञानेंद्र कुमार को गोली मार देता…’ VIP प्रमुख मुकेश सहनी का मुख्य चुनाव आयुक्त पर फूटा गुस्सा

Video- ‘एक खून माफ होता तो ज्ञानेंद्र कुमार को गोली मार देता…’ VIP प्रमुख मुकेश सहनी का मुख्य चुनाव आयुक्त पर फूटा गुस्सा

By Abhimanyu 
Updated Date

Mukesh Sahani on EC Rift : चुनाव आयोग में मतभेदों की खबरें सामने आने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है। कथित तौर पर बाकी दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने में 14 बार आपत्तियां दायर करके SIR समेत कई अहम फैसलों पर सवाल खड़े किए हैं। इस बीच, विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी ने SIR में कथित गड़बड़ी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक खून माफ तो ज्ञानेंद्र कुमार गोली मार देता, लेकिन हम संविधान को मानने वाले लोग हैं, इसलिए ऐसा नहीं करेंगे।

पढ़ें :- 'ज्ञानेश कुमार CEC होते तो डोनॉल्ड ट्रंप नहीं हारते चुनाव' अभिजीत दीपके ने कसा तंज, सौरव दास बोले- मजबूत नेता का टूट रहा है भ्रम

पटना में चुनाव आयोग में कथित मतभेदों पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने कहा, ‘चुनाव आयोग बीजेपी का आयोग बन चुका है और ज्ञानेंद्र कुमार से मैं कहना चाहता हूँ सब दिन सब समय एक जैसा नहीं होता है…थोड़ा शर्म करो…।’ सहनी बस यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा, ‘देश के संविधान के साथ तुम खिलवाड़ कर रहे हो। अभी हमको एक खून माफ होता न तो सबसे पहले ज्ञानेन्द्र को गोली मार देते। लेकिन अब क्या करें हम तो संविधान को मानने वाले लोगों हैं। आने वाले समय ये बचेंगे नहीं।’

पढ़ें :- Video : ‘लोकतंत्र की हत्या है, लोकतंत्र की हत्या है… ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ जानें कौन है जिसको गोद में लेकर भागी यूपी पुलिस?

मुख्य चुनाव आयुक्त को धमकी देते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘2029 में राहुल जी के नेतृत्व में सरकार बनेगी और पहला आदमी यही होंगे, जो जेल जाएंगे। और उनके साथ में जिन लोगों ने ये सब किया है सब जेल जाएंगे। कोई बचने वाला नहीं है… हो सकता है मोदी जी भी इनके साथ जेल जाएंगे।’ देश के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने पूछा कि आप चुनाव करवा ही क्यों रहे हो? करोड़ों-अरबों रुपये चुनाव में खर्च हो रहे हैं और कोई इसे अपने पक्ष में कर ले रहा है तो एक ही चुनाव आयुक्त रखते, तीन क्यों रखे…?

Advertisement