लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार लखनऊ में ‘ग्रीन भारत समिट’ के शुभारंभ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने कहा, ये जो आपदाएं कहीं और से नहीं मनुष्य के द्वारा स्वयं अपने लिए खड़ा किया जा रहा है। इसलिए केवल ये भारत की समस्या नहीं है। भारत से खराब स्थिति दुनिया के तमाम उन तथाकथित विकसित देशों की भी है, जो आर्थिक समृद्धि तो प्राप्त की लेकिन उसके बचाव के लिए कोई काम नहीं किया। दुनिया में अगर जीव सृष्टि को बचाना है तो हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम कार्बन उत्सर्जन को जीरो तक पहुंचाएं, नेट जीरो के लक्ष्य को हम प्राप्त करें।
पढ़ें :- Asian Games Update : शूटिंग में इलावेनिल, विदर्शा और सोनम की तिकड़ी ने भारत को दिलाया पहला मेडल, महिला हॉकी टीम ने उज़्बेकिस्तान को 19-0 से रौंदा
साथ ही कहा, हम लोगों ने LED स्ट्रीट लाइट के अभियान को आगे बढ़ाया…वर्ष 2017-18 और 2018-19 में उत्तर प्रदेश में हेलोजन लाइट को हटाकर 16 लाख LED स्ट्रीट लाइट लगाई गईं।
दुनिया में अगर जीव सृष्टि को बचाना है तो हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम कार्बन उत्सर्जन को जीरो तक पहुंचाएं, नेट जीरो के लक्ष्य को हम प्राप्त करें… : #UPCM @myogiadityanath
https://t.co/HQn730fy4d pic.twitter.com/KlrDIYwg1Q — CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) November 30, 2024
पढ़ें :- IND vs BAN Semi Final: कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी, फाइनल में जगह पक्की करने उतरी टीम इंडिया
सीएम ने कहा, इंसेफेलाइटिस बीमारी का कारण था…प्रदूषित जल और गंदगी। आज हर घर के पास शौचालय बन गए। ‘हर घर नल’ अभियान चलाकर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराई गई।
वर्ष 1977 से 2017 तक यह बीमारी 40 हजार बच्चों को निगल गई थी। उसी बीमारी को हम लोगों ने मात्र 2 वर्षों में नियंत्रित किया। आज इंसेफेलाइटिस से कोई मौत नहीं होती है।