नई दिल्ली। भारतीय माइक्रोब्लॉगिंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Koo (Indian Micro Blogging Platform Koo App) बंद हो रहा है। यह प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) का लोकप्रिय विकल्प बन रहा था। इसके फाउंडर अपरामेय राधाकृष्णा और को-फाउंड मयक बिदवात्का ने Linkedin पर इसे लेकर जानकारी शेयर की है। कुछ समय पहले तक कंपनी के फाउंडर डेलीहंट और अन्य दूसरी कंपनियों से मर्जर को लेकर डील कर रहे थे। डील पूरी न होने के चलते आखिरकार दोनों ने इसे बंद करने का फैसला लिया है।
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मर्जर पर नहीं बनी बात
मयंक बिदवात्का ने लिखा कि – साझेदारों के साथ चल रही हमारी बातचीत विफल रही और अब हम आम लोगों के लिए अपनी सेवाएं बंद कर रहे हैं। उन्होंने आगे यह भी बताया कि कंपनी ने कई बड़ी इंटरनेट कंपनियों और मीडिया ग्रुप के साथ पार्टनरशप की संभावना भी तलाशी, लेकिन उन्हें पॉजिटिव रिजल्ट नहीं मिले। उन्होंने अपनी पोस्ट में इस बात का भी जिक्र किया कि हाई टेक्नोलॉजी कॉस्ट की वजह से इसे बंद करना पड़ा है। हालांकि, कंपनी ने पिछले साल अप्रैल से ही वर्क फोर्स कम करना शुरू कर दिया है।
सरकारी चैलैंज से हुई शुरुआत
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कू की शुरुआत सरकारी चैलेंज जीतकर शुरू हुई थी। साल 2020 में केंद्र सरकार के ‘आत्मनिर्भर ऐप इनोवेशन चैलेंज’ जीतकर देसी सोशल मीडिया शुरू हुई थी।
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X का विकल्प
भारत में Koo के डेली एक्टिव यूजर्स की संख्या एक समय पर 21 लाख तक पहुंच गई थी। इसके साथ ही एक्वि मंथली यूजर्स की संख्या 1 करोड़ तक पहुंच गई थी। इसके बाद इसे एक्स का विकल्प तक बताया जाने लगा था। इतना ही नहीं सरकार, मंत्री और सेलेब्रिटी तक के अकाउंट इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे। लेकिन, कंपनी को हाई कॉस्ट टेक्नोलॉजी के चलते प्लेटफॉर्म को बंद करना पड़ रहा है।