लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में ₹464 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (RUPAAM) के नवीन परिसर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन में नवाचार, दक्षता एवं उत्कृष्टता का समावेश सुशासन की आधारशिला है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से राष्ट्रहित और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समर्पण, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि, इस अकादमी को भारत के अग्रणी स्कूल ऑफ पब्लिक लीडरशिप के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। नॉलेज टू डेवलपमेंट, डेवलपमेंट टू पब्लिक ट्रस्ट और पब्लिक ट्रस्ट टू नेशन बिल्डिंग की संकल्पना को साकार करने में यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एकला चलो की सोच या टीम को कमजोर करने की मानसिकता से अच्छे परिणाम नहीं मिल सकते। टीमवर्क, सकारात्मक सोच और नवाचार ही सफलता का आधार हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार सीखते रहने, तकनीक आधारित सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और नवाचार को अपनाने की आवश्यकता है।
प्रशासन में इनोवेशन और एक्सीलेंस का भाव होना चाहिए। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रहित एवं जनसेवा के प्रति समर्पित होकर कार्य करेंगे तो उत्तर प्रदेश को सुशासन, उत्कृष्ट प्रशासन और विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने से कोई नहीं रोक सकता।
इसी भावना के विस्तार में प्रशासनिक… pic.twitter.com/XyC2khK2RR
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 3, 2026
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उन्होंने आगे कहा कि, उत्तर प्रदेश की नौकरशाही अब पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार नहीं है, बल्कि पूरी तेजी के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य हासिल करने के लिए दौड़ने को तैयार है। विकसित भारत की आधारशिला उत्तर प्रदेश बनेगा और इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक गांव, कस्बे और वार्ड को आत्मनिर्भर बनाना होगा। राजनीतिक नेतृत्व केवल विजन दे सकता है, लेकिन उसे धरातल पर उतारने की पूरी ताकत प्रशासनिक मशीनरी के पास होती है। इसलिए प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और सकारात्मक कार्य संस्कृति बेहद जरूरी है।