हमने बदायूं में वीरांगना रानी अवंतीबाई के नाम पर PAC की नई वाहिनी का गठन किया है और उसका कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वहां रानी अवंतीबाई की अश्वारोही प्रतिमा की स्थापना की कार्यवाही भी अंतिम चरण में है। भारत की आजादी के प्रथम स्वातंत्र्य समर-1857 की महान क्रांतिकारी वीरांगना अवंतीबाई की पावन जयंती के अवसर पर उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार वीरांगना रानी अवंतीबाई की जयंती के अवसर पर लखनऊ में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी अवंतीबाई मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाली महान वीरांगनाओं में से एक थीं। उनके अद्भुत पराक्रम, अदम्य साहस और त्याग के प्रति हर भारतवासी सदैव नतमस्तक रहेगा।
साथ ही कहा, हमने बदायूं में वीरांगना रानी अवंतीबाई के नाम पर PAC की नई वाहिनी का गठन किया है और उसका कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वहां रानी अवंतीबाई की अश्वारोही प्रतिमा की स्थापना की कार्यवाही भी अंतिम चरण में है। भारत की आजादी के प्रथम स्वातंत्र्य समर-1857 की महान क्रांतिकारी वीरांगना अवंतीबाई की पावन जयंती के अवसर पर उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
वीरता की प्रतीक महान वीरांगना को नमन!
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने आज वीरांगना रानी अवंतीबाई की जयंती के अवसर पर लखनऊ में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि रानी अवंतीबाई मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाली महान… pic.twitter.com/KzRDQ2sKN9
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— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) August 16, 2026
उन्होंने कहा कि, आज वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की 196वीं जयंती है। वर्ष 1857 में उनकी आयु मात्र 27 वर्ष थी। इतनी कम उम्र में उन्होंने देश की आजादी के संघर्ष में अपना बलिदान देकर मिसाल कायम की। उनका बलिदान आज भी युवाओं को राष्ट्र के लिए समर्पण की प्रेरणा देता है।
सीएम योगी ने कहा कि, वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी भारत की आजादी की उन महान नायिकाओं में शामिल हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने में कोई संकोच नहीं किया। रानी अवंती बाई लोधी के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ देश की आजादी के लिए संघर्ष किया गया। आज भी हर व्यक्ति श्रद्धा के साथ उनकी स्मृतियों को नमन करता है। उनके योगदान और बलिदान के लिए हर भारतवासी नतमस्तक है।