लद्दाख, जम्मू। बैच 1999 के उच्च आईपीएस (Indian Police Service) अधिकारी आनंद जैन ने केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के नए पुलिस महानिदेशक (Director General of Police) का पदभार आधिकारिक तौर पर संभाल लिया है। लद्दाख जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उनकी यह नियुक्ति बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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आर्थिक तंगियों से लड़कर बने IPS अधिकारी
आनंद जैन मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। उनकी सफलता की कहानी देश के लाखों युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। आनंद जैन ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (National Institute of Technology) से बी.ई. (Bachelor of Engineering) की डिग्री हासिल की हैं। आनंद जैन का शुरुआती जीवन भारी आर्थिक चुनौतियों और काफी गंभीर वित्तीय संकटों से घिरा रहा। उन्होंने इन तमाम मुश्किलों के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) की सिविल सेवा परीक्षा पास की। इसमें उन्होंने देश भर में 89वीं रैंक हासिल की।
27 वर्षों का लंबा अनुभव और विशिष्ट सम्मान
आपको बता दे कि आनंद जैन को पुलिस सेवा में 27 से अधिक सालों का लंबा और शानदार अनुभव है। लद्दाख के डीजीपी का पद संभालने से पहले वह जम्मू-कश्मीर में सशस्त्र पुलिस (Armed Police) के अतिरिक्त महानिदेशक (Additional Director General of Police) के पद पर थे। इससे पहले वह एसएसपी जम्मू, आईजीपी जम्मू जोन और एंटी-करप्शन ब्यूरो (Anti-Corruption Bureau) के निदेशक जैसे कई प्रमुख और चुनौतीपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
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इसके अलावा उन्हें कानून व्यवस्था बनाए रखने और राष्ट्र सेवा में उनके अहम योगदान के लिए उन्हें बहुत से शीर्ष सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। इन सम्मानों में शामिल हैं—
- पुलिस पदक (Valor)
- विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (2025)
- मेधावी सेवा पदक
वर्तमान में के.के. शर्मा के स्थान पर लद्दाख में उनकी नियुक्ति हुई है, जो अब तक मुकेश सिंह के मणिपुर ट्रांसफर होने के बाद से इस पद का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। वहीं आनंद जैन के लंबे प्रशासनिक अनुभव का लाभ लद्दाख क्षेत्र की सुरक्षा और विकास को मिलेगा, इसके लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग को उनसे काफी उम्मीदें है।