एक 83 साल पुराना निजी बैंक भारतीय शेयर बाजार में हलचल के बीच इन दिनों निवेशकों और दिग्गज ब्रोकरेज फर्मों के नज़र में आ गया है। RBL Bank जिसमें दुबई सरकार और वहां के शाही परिवार के नियंत्रण वाले बैंक 'अमीरात एनबीडी' (Emirates NBD) की एंट्री के बाद से बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी बीच दिग्गज ब्रोकरेज हाउस जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज ने RBL बैंक के शेयरों पर अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है, जिसे देखकर सभी निवेशकों का मन मोहित हो सकता है।
नई दिल्ली। एक 83 साल पुराना निजी बैंक भारतीय शेयर बाजार में हलचल के बीच इन दिनों निवेशकों और दिग्गज ब्रोकरेज फर्मों के नज़र में आ गया है। RBL Bank जिसमें दुबई सरकार और वहां के शाही परिवार के नियंत्रण वाले बैंक ‘अमीरात एनबीडी’ (Emirates NBD) की एंट्री के बाद से बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी बीच दिग्गज ब्रोकरेज हाउस जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज ने RBL बैंक के शेयरों पर अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है, जिसे देखकर सभी निवेशकों का मन मोहित हो सकता है।
ब्रोकरेज ने दिया ‘BUY’ टैग, ₹470 का बड़ा लक्ष्य
ब्रोकरेज फर्म ‘जियोजित’ ने आरबीएल बैंक के स्टॉक पर अपनी खरीदारी रेटिंग को पहले जैसा ही रखा है। इस शेयर के लिए ब्रोकरेज ने ₹470 का बड़ा टारगेट प्राइस तय किया है। विश्लेषकों के अनुसार, बैंक के मौजूदा बाजार भाव को देखते हुए यह लक्ष्य निवेशकों को करीब 21 प्रतिशत या उससे अधिक का बंपर रिटर्न दे सकता है।
तिमाही नतीजों ने बढ़ाया विश्लेषकों का भरोसा
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, RBL बैंक ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है। बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार, लोन ग्रोथ में मजबूती और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में स्थिरता के कारण ब्रोकरेज इस पर पूरी तरह से मेहरबान दिख रहे हैं।
क्या है 83 साल पुराने बैंक का ‘दुबई कनेक्शन’?
साल 1943 में शुरू हुआ यह बैंक जिसका नाम ‘रतनाकर बैंक लिमिटेड’ (Ratnakar Bank Limited) हैं, भारत के सबसे पुराने और भरोसेमंद निजी बैंकों में गिना जाता है। इस बैंक की तकदीर में बड़ा मोड़ तब आया जब दुबई के सबसे बड़े बैंकिंग ग्रुप्स में से एक Emirates NBD (ENBD) ने इसमें बहुसंख्यक हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया शुरू की। दुबई के शेख और वहां के शाही परिवार की सीधी निगरानी में काम करने वाले इस बैंक के निवेश ने RBL बैंक को ग्लोबल पहचान और मजबूत वित्तीय बैकअप दे दिया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस रणनीतिक डील के बाद बैंक का मैनेजमेंट और बिजनेस मॉडल तेजी से बदल रहा है, जिसका सीधा भविष्य में इसके शेयरहोल्डर्स को मिलने की उम्मीद है।