Strait of hormuz: इजरायल के दक्षिणी लेबनान में ताजा हवाई हमलों के बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जहाजों की आवाजाही पर फिर सख्त चेतावनी जारी की है। IRGC का कहना है कि लेबनान में संघर्षविराम की शर्तों का पालन नहीं हुआ है, इसलिए जलडमरूमध्य की ओर आने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है। इस घटनाक्रम से वैश्विक शिपिंग और तेल बाजार में एक बार फिर चिंता बढ़ गई है।
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मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर गहरा गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास जहाजों की आवाजाही को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान का कहना है कि दक्षिणी लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई और संघर्षविराम की शर्तें पूरी न होने के कारण हालात सामान्य नहीं हैं। ऐसे में होर्मुज के करीब आने वाले कमर्शियल और सैन्य जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है।
ईरानी अधिकारियों ने साफ किया है कि जब तक उनकी सुरक्षा चिंताओं का समाधान नहीं होता, तब तक इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर सख्त निगरानी रहेगी। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर डाल सकता है।
इधर, दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष के चलते अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित वार्ता भी रद्द हो गई है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड जाने से इनकार कर दिया और कहा कि पहले लेबनान में लड़ाई रुकनी चाहिए। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने भी अपनी यात्रा स्थगित कर दी है।
उधर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि जब तक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक इजरायली सेना लेबनान में बनी रहेगी। उन्होंने हिज़्बुल्लाह को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। ऐसे में पूरे क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।