US-Iran War : ईरान युद्ध के चलते दुनियाभर में ऊर्जा का संकट बना हुआ है। कई देशों में तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। इस बीच, यूनाइटेड नेशन ने एशिया और प्रशांत क्षेत्र के देशों में आर्थिक विकास घटने का पूर्वानुमान लगाया है। जिनमें भारत और चीन जैसे देशों की अर्थव्यवस्था भी शामिल हैं।
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समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, यूनाइटेड नेशन के एशिया और प्रशांत क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक आयोग के एक वरिष्ठ अर्थशास्त्री के अनुसार, चीन की अर्थव्यवस्था में 2025 में 5% की वृद्धि हुई थी, लेकिन तेल की बढ़ती कीमतों के कारण इस वर्ष इसमें 4.6% से 4.3% की वृद्धि होने की संभावना है।
हमजा मलिक ने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था में पिछले वर्ष 7% से अधिक की वृद्धि हुई थी, लेकिन युद्ध के कारण तेल, पेट्रोल और उर्वरकों की बढ़ती कीमतों के चलते इस वर्ष इसमें लगभग 1% की गिरावट आने और लगभग 6% तक पहुंचने की उम्मीद है।
मलिक ने सोमवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “एशिया-प्रशांत क्षेत्र वैश्विक आर्थिक विकास का इंजन बना हुआ है। इसलिए, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में जो कुछ भी होता है, उसका असर बाकी दुनिया पर पड़ता है।”