नई दिल्ली। ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई (Supreme Leader Mojtaba Khamenei) गंभीर रूप से घायल हैं। एक खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) वर्तमान में कोम शहर में इलाज करवा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार खामेनेई अचेत अवस्था में हैं और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। माना जा रहा है कि इसी वजह से मोजतबा किसी भी निर्णय प्रक्रिया में हिस्सा लेने में असमर्थ हैं।
पढ़ें :- ईरान ने सीजफायर की शर्तों को नकारा, बोला - न होर्मुज खुलेगा, न करेंगे 45 दिन का युद्धविराम
‘द टाइम्स यूके’ (The Times UK) की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कूटनीतिक मेमो अमेरिकी और इस्राइली खुफिया एजेंसियों द्वारा खाड़ी सहयोगियों के साथ साझा की गई जानकारी पर आधारित है। इस रिपोर्ट में पहली बार सर्वोच्च नेता के ठिकाने का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) का कोम शहर में इलाज चल रहा है और इस वजह से वे शासन के किसी भी निर्णय में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
मोजतबा की सार्वजनिक अनुपस्थिति ने गहराया शक
पश्चिम एशिया (West Asia) में संघर्ष छिड़ने के बाद से मोतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने कोई सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है। उनके नाम से जारी किए गए संदेशों का प्रसारण ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा किया जा रहा है। इसकी वजह से मोजतबा के गंभीर रूप से घायल होने की खबरों को और बल मिला है।
अमेरिकी रिपोर्टों में अलग-अलग दावे
पढ़ें :- IRGC खुफिया प्रमुख मारे जाने की ईरानी मीडिया ने की पुष्टि, US-ईरान सीजफायर वार्ता अंतिम चरण में
ईरानी अधिकारियों ने बयान जारी कर कहा कि देश की कमान नए सर्वोच्च नेता के हाथ में है। इसके बावजूद कई अमेरिकी रिपोर्टों में खामेनेई की सेहत पर सवाल खड़े किए हैं। किसी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोजतबा कोमा में हैं और उनका इलाज किया जा रहा है। वहीं, द सन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि हमलों में खामेनेई ने एक हाथ और एक पैर खो दिया है।
ट्रंप ने दी तबाही मचाने की चेतावनी
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मंगलवार आठ बजे (Eastern Time) तक एक समझौता करने का अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि इस समय सीमा के बाद कोई पुल और कोई बिजली संयंत्र नहीं बचेगा।
ईरान बहुत शक्तिशाली था, लेकिन अब अमेरिका ने उसके सिर को काट दिया : ट्रंप
ट्रंप ने स्वीकार किया कि संघर्ष 28 फरवरी को शुरू होने पर ईरान बहुत शक्तिशाली स्थिति में था, लेकिन अब अमेरिका ने उसके सिर को काट दिया है। उन्होंने कहा कि ये कदम 47 साल पहले ही उठाए जाने चाहिए थे। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह ठीक चल रहा है, लेकिन हमें देखना होगा। आपको यह समझना होगा, हम इन लोगों के साथ 47 साल से निपट रहे हैं।”