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जबलपुर: तेज आंधी में डूबा पर्यटन विभाग का क्रूज, 9 लोगों की मौत, 9 से ज्यादा अब भी लापता, 40 से 45 पर्यटक थे सवार

By हर्ष गौतम 
Updated Date

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जब पर्यटन विभाग का एक क्रूज तेज आंधी और खराब मौसम की चपेट में आकर डूब गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे के समय क्रूज में करीब 40 से 45 पर्यटक सवार थे। यह हादसा डैम के किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ, जहां अचानक मौसम बिगड़ने से लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 24 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि 9 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं और उनकी तलाश लगातार जारी है।

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सेना, SDRF और स्पेशल टीमें रेस्क्यू में जुटीं

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के बताया है कि शुरुआती रेस्क्यू में SDRF की टीम ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और तेज हवाओं के कारण राहत कार्य प्रभावित हुआ। शुक्रवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए सेना को भी मौके पर बुलाया गया है। हैदराबाद से स्पेशल टीम और हेलिकॉप्टर रवाना किया गया, जबकि कोलकाता से पैरामिलिट्री की विशेष टीम जबलपुर पहुंच चुकी है। लगभग 20 फीट गहरे पानी में फंसे क्रूज को बाहर निकालने के लिए हाइड्रॉलिक मशीनों और पोकलेन की मदद ली जा रही है।

पायलट ने कहा—संभलने का मौका ही नहीं मिला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक क्रूज के पायलट महेश ने बताया कि सुरक्षा के इंतजाम मौजूद थे, लेकिन अचानक आए तेज तूफान ने सब कुछ बदल दिया। उनका कहना है कि मौसम इतनी तेजी से खराब हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला और क्रूज अनियंत्रित होकर डूब गया। महेश पिछले 10 वर्षों से क्रूज संचालन का काम कर रहे हैं और उन्होंने इसे बेहद दुर्लभ और खतरनाक स्थिति बताया।

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एक ही परिवार के कई सदस्य लापता

ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया के A3 सेक्शन में कार्यरत कर्मचारी कामराज आर्य अपने परिवार के 15 लोगों के साथ घूमने गए थे। उनके माता-पिता किनारे पर ही बैठे थे, लेकिन कामराज अपनी पत्नी, भाभी और बच्चों के साथ क्रूज में सवार थे। हादसे के बाद उनके एक बेटे को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन कामराज, उनकी पत्नी और एक बेटा अब भी लापता हैं। बताया जा रहा है कि परिवार मूल रूप से कर्नाटक का रहने वाला है।

20 साल पुराना था क्रूज, मंत्री के बयान पर उठे सवाल

पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिछारिया ने बताया कि बरगी डैम में फिलहाल एक ही क्रूज संचालित किया जा रहा था, जिसे वर्ष 2006 में बनाया गया था। इसकी क्षमता 60 यात्रियों की थी। एक अन्य क्रूज पहले से खराब पड़ा हुआ है। वहीं प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी जबलपुर पहुंचे, लेकिन उनका बयान चर्चा में आ गया। उन्होंने कहा कि नर्मदा में पेट्रोल-डीजल से चलने वाली बोट पर रोक है और उन्हें इस क्रूज के संचालन की जानकारी नहीं थी। उनके इस बयान के बाद प्रशासन और विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

मृतकों की पहचान से बढ़ा मातम

अब तक जिन 9 लोगों की पहचान हुई है, उनमें नीतू सोनी (43) निवासी जबलपुर, सौभाग्यम अलागन (42) , मधुर मैसी (62) निवासी दिल्ली, काकुलाझी (38) निवासी जबलपुर, रेशमा सैयद (66), शमीम नकवी (66), मरीना मैसी पत्नी (39), त्रिशान (4) और ज्योति सेन निवासी पाटन बायपास, जबलपुर शामिल हैं। प्रशासन बाकी लापता लोगों की तलाश और पहचान में जुटा हुआ है। पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।

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