जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के खो नागोरियन इलाके में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों की हालत बेहद नाज़ुक बताई जा रही है, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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100 गज के मकान में बारूद का ढेर, धमाकों से कांपा इलाका
मिली जानकारी के मुताबिक, जयपुर शहर से करीब 22 किलोमीटर दूर एक संकरी गली के महज 100 वर्ग गज के मकान में यह मौत का कारोबार पिछले काफी समय से बिना रोक-टोक चल रहा था। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे यहाँ अचानक एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए, जिससे पूरा इलाका दहल उठा। धमाके इतने भीषण थे कि आस-पास के लोग दहशत में आ गए। शहर से दूरी होने के कारण दमकल विभाग की गाड़ियों को भी मौके पर पहुँचने में करीब 40 मिनट का वक्त लग गया, जिससे राहत कार्य में देरी हुई।
घिरने के बाद अधिकारियों साधी चुप्पी, विधायक ने लगाया लापरवाही का आरोप
हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. संदेश नायक और एडीएम युगांतर शर्मा सहित तमाम आला अधिकारी अमले के साथ मौके पर पहुँचे। रिहायशी बस्ती में इस तरह अवैध फैक्ट्री के संचालन ने सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी की पोल खोल कर रख दी है। जवाबदेही के सवालों पर जहाँ प्रशासनिक अधिकारी जांच का हवाला देकर बचते नज़र आए, वहीं मौके पर पहुँचे कांग्रेस विधायक अमीन कागजी ने सीधे तौर पर प्रशासन को इस घटना का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग करते हुए लापरवाह अफसरों और फैक्ट्री मालिक पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन ने उस मकान को सील कर दिया है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह मुस्तैदी पहले दिखाई होती तो 5 मासूमों की जान बच सकती थी।