जम्मू। जम्मू-कश्मीर की उमर अब्दुल्ला सरकार 7 मार्च को बजट पेश करेगी। बजट सत्र की शुरुआत 3 मार्च को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अभिभाषण से होगी। बजट सत्र 11 अप्रैल तक चलेगा। जम्मू-कश्मीर विधानसभा का करीब सात साल बाद यह पहला बजट सत्र होगा। इसके पहले फरवरी 2018 में महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली पीडीपी-बीजेपी सरकार के तत्कालीन वित्त मंत्री हसीब द्राबू ने विधानसभा में बजट पेश किया था।
पढ़ें :- PM मोदी पर कांग्रेस अध्यक्ष के विवादित बयान से बढ़ा सियासी पारा, BJP ने कहा-यह जुबान का फिसलना नहीं
बता दें कि पिछले कई दिनों से बजट की तैयारियां चल रही थीं। विधायकों ने अपने प्रस्ताव और सवाल भी सौंप दिए हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला वित्तमंत्री भी हैं, इसलिए वे इसे अंतिम रूप देने में जुटे हैं। बजट तैयार करने से पहले सरकार ने विभिन्न वर्गों से उनके सुझाव और राय भी ली। हालांकि, उमर के लिए बजट की राह में चुनौतियां भी कम नहीं होंगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चुनाव में बिजली, राशन मुफ्त देने से लेकर महिलाओं को पेंशन और वित्तीय सहायता के वादे उमर के लिए पूरा करना चुनौती है। इन मुद्दों पर विपक्षी पार्टियां उन्हें लगातार घेरती भी आ रही हैं। उमर पर उन वादों को पूरा करने का बड़ा दबाव है। दूसरी-राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार करने की भी चुनौती है। वित्तीय संसाधनों को बढ़ाने पर भी जोर देना होगा।