नई दिल्ली। राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) पर चर्चा के दौरान सपा सांसद जया बच्चन (SP MP Jaya Bachchan) ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने ऑपरेशन का नाम सिंदूर (Operation Sindoor) रखने को लेकर आपत्ति जताई। जया ने कहा कि जब सिंदूर ही उजड़ गया फिर ऑपरेशन का नाम सिंदूर (Operation Sindoor) क्यों?
पढ़ें :- स्वास्थ्य विभाग व UPMSCL के खिलाफ चल रही ईडी की जांच के चलते एसीएस अमित कुमार घोष पर गिरीगाज , योगी सरकार ने 10 आईएएस का किया तबादला
पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) पर बोलते हुए जया ने सबसे पहले उन पीड़ित परिवारों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि किस तरह आतंकी आए और इतने लोगों को मार दिया। मैं उस घटना से बहुत दुखी हूं। जया ने आगे कहा कि आपने ऐसे लेखकों को रखा है, जो बड़े-बड़े नाम लेते हैं। ये सिंदूर नाम किसने दिया? जब सिंदूर ही उजड़ गया फिर ऑपरेशन का नाम सिंदूर क्यों?
सपा सांसद ने कहा कि जो यात्री पहलगाम गए थे। वो किसलिए गए थे। 370 के हटने के बाद वे लोग छाती ठोककर गए थे। उस भरोसे के साथ गए थे कि वहां अब आतंकवाद खत्म है। कश्मीर हमारे लिए जन्नत है लेकिन बदले में उनलोगों को मिला क्या? इस सरकार ने उन सभी लोगों का विश्वास तोड़ा है, जो वहां गए थे, जो इस घटना में मारे गए। वे परिवार आपको कभी माफ नहीं कर पाएंगे।
गोला बारूद से कुछ नहीं होगा, इंसानियत होनी चाहिए
जया ने आगे कहा कि क्या आपने उन परिवारों से माफी मांगी? ये हमारी ड्यूटी है। आपको सॉरी बोलना चाहिए। सरकार को उन परिवारों से माफी मांगनी चाहिए। रक्षा मंत्री उस दिन (सोमवार को) बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे। हमने तोप खरीदा, गोला बारूद खरीदे, ये खरीदा…वो खरीदा। हम क्या करें उसका। क्या हम उन 26 लोगों की जान बचा पाए? गोला बारूद से कुछ नहीं होगा। इंसानियत होनी चाहिए।
पढ़ें :- हम अपनी राजनीतिक ताकत पहचान लें तो लाखों सरकारी नौकरियां सीधे निषाद-कश्यप समाज के नौजवानों के घरों में होंगी: संजय निषाद
सपा सांसद ने कहा कि मैं आप सबसे यही अपील करना चाहूंगी कि प्लीज विनम्र बनें। आप सब को लोगों ने जिन आशा और विश्वास के साथ यहां भेजा है, उसकी फिक्र करें। जो आपको यह पोजिशन दिया है, उसकी रक्षा करें।