नई दिल्ली। दिल्ली जोन के रजित गुप्ता (Rajit Gupta) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ( IIT) प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस में शीर्ष रैंक हासिल किया है। इस परीक्षा के परिणाम सोमवार को घोषित किए गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 18 मई को आयोजित जेईई (एडवांस्ड) में पेपर एक और दो दोनों में कुल 1,80,422 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा में 54,378 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं। उन्होंने कहा,कि कुल उत्तीर्ण अभ्यर्थियों में से 9404 छात्राएं हैं।
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आईआईटी दिल्ली जोन (IIT Delhi Zone) के रजित गुप्ता कॉमन रैंक लिस्ट (CRL) में शीर्ष स्थान पर हैं। उन्हें 360 में से 332 अंक मिले हैं। आईआईटी खड़गपुर जोन (IIT Kharagpur Zone) की देवदत्ता माझी शीर्ष रैंक हासिल करने वाली महिला अभ्यार्थी हैं। उन्होंने 360 में से 312 अंक तथा सीआरएल में 16वां स्थान प्राप्त किया।
जेईई एडवांस्ड 2025 के नतीजे आज जारी हो चुके हैं और साथ ही कटऑफ लिस्ट और टॉपर्स की सूची भी जारी हो गई है, लेकिन केवल जेईई एडवांस्ड क्वालिफाई करना या टॉप रैंक लाना आईआईटी में दाखिले के लिए पर्याप्त नहीं है। जरूरी अन्य शर्तें पूरी न करने पर यहां तक कि जेईई एडवांस्ड टॉपर भी IIT में प्रवेश से वंचित रह सकता है। आइए विस्तार से जानें..
बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम अंक अनिवार्य
IIT 75% Marks Criteria: कब मान्य होंगे बोर्ड मार्क्स?
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अगर आपने 12वीं बोर्ड 2024 में दी और 2025 में कोई इंप्रूवमेंट नहीं दिया, तो 2024 के मार्क्स मान्य होंगे और यदि आपने 2024 में पहली बार बोर्ड दी और 2025 में इंप्रूवमेंट एग्जाम दिया, तो बेस्ट स्कोर मान्य होगा।
2023 में पहली बार परीक्षा दी, लेकिन रिजल्ट 28 जून 2023 या बाद में आया, तो आप पात्र हैं। सभी सालों की मार्कशीट एक ही बोर्ड से होनी चाहिए।
आईआईटी टॉप 20 परसेंटाइल शर्तें
जेईई एडवांस्ड पास करने के बाद भी आईआईटी में दाख़िले के लिए छात्रों को अपने बोर्ड के टॉप 20 परसेंटाइल में होना जरूरी है। इसके लिए नंबरों की गणना इस तरह की जाएगी।
कुल 5 विषयों के अंक जोड़े जाएंगे। जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, एक भाषा (जिसमें ज्यादा नंबर आए हों), और एक अतिरिक्त विषय शामिल होगा।
अगर कोई विषय 100 नंबर से कम के पैमाने पर है, तो उसके अंक को 100 के स्केल पर बदला जाएगा। इस तरह कुल अंक 500 में से गिने जाएंगे।
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अगर बोर्ड केवल ग्रेड देता है, तो छात्रों को इक्विवैलेंट मार्क्स का प्रमाणपत्र देना होगा।
यदि किसी छात्र ने 2024 में बोर्ड परीक्षा दी थी और 2025 में सुधार परीक्षा दी है, तो दोनों में से बेहतर अंक मान्य होंगे। जिन बोर्डों में सेमेस्टर सिस्टम है, वहां आखिरी दो सेमेस्टर के अंक जोड़े जाएंगे।
JoSAA काउंसलिंग ही है प्रवेश का रास्ता
आईआईटी में सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया JoSAA (Joint Seat Allocation Authority) के माध्यम से होती है। उम्मीदवारों को JoSAA पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होता है और अपनी पसंद के कॉलेज व कोर्स को प्रायोरिटी के अनुसार भरना होता है। पात्रता की शर्तें पूरी करने और सीट उपलब्ध होने पर ही एडमिशन मिल पाता है।
प्रामाणिक दस्तावेज और सत्यापन
आईआईटी प्रवेश के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, जाति/श्रेणी प्रमाणपत्र, आधार कार्ड आदि का सत्यापन अनिवार्य होगा। इन दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की कमी या त्रुटि होने पर प्रवेश प्रक्रिया में बाधा आ सकती है, इसलिए उम्मीदवारों को सभी प्रमाणपत्र समय पर और सही स्थिति में तैयार रखना आवश्यक है।