ग्रहण एक अदृभुद खगोलीय घटना है। जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है। यह पूर्ण, आंशिक या वलयाकार (रिंग ऑफ फायर) हो सकता है। खगोलविदों के साथ ही साथ ज्योतिष से जुड़े लोगों में भी ग्रहण को लेकर उत्सुकता रहती है।
Surya Grahan 2026 : ग्रहण एक अदृभुद खगोलीय घटना है। जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है। यह पूर्ण, आंशिक या वलयाकार (रिंग ऑफ फायर) हो सकता है। खगोलविदों के साथ ही साथ ज्योतिष से जुड़े लोगों में भी ग्रहण को लेकर उत्सुकता रहती है। इस बार 12 अगस्त 2026 को सूर्य ग्रहण लगेगा। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा जिसका प्रभाव वृषभ राशि पर भी मुख्य रूप से दिखाई दे सकता है।
यह भारतीय समयानुसार रात 9:04 बजे शुरू होकर 13 अगस्त की सुबह 4:25 बजे समाप्त होगा। यह पूर्ण/वलयाकार सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल यहां मान्य नहीं होगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को घर के भीतर रहने, तेज धार वाले उपकरणों का उपयोग न करने और भगवान का स्मरण करने की सलाह दी जाती है। कई परिवार इस दौरान मंत्र जाप या धार्मिक ग्रंथों का पाठ भी करते है।