सूर्य ग्रहण अद्भुत खगोलीय घटना है। इसका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। पूरी दुनिया के वैज्ञानिक सूर्य ग्रहण के पीछे छिपे रहस्यों के बारे में सबकुछ जानने को उत्सुक रहते है।
Surya Grahan 2026 : सूर्य ग्रहण अद्भुत खगोलीय घटना है। इसका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। पूरी दुनिया के वैज्ञानिक सूर्य ग्रहण के पीछे छिपे रहस्यों के बारे में सबकुछ जानने को उत्सुक रहते है। सूर्य ग्रहण को लेकर धार्मिक और वैज्ञानिक मानयताएं अलग अलग है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य की गणनाओं और उसके फल, उपाय के बारे में बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,ग्रहण काल अशुभ समय माना जाता है और इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। मान्यता कि सूतक काल में शुभ कार्य वर्जित है।
इस बार साल 2026 में एक नहीं, बल्कि दो बार लोग सूर्य ग्रहण देखेंगे। हालांकि, पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लग गया है। इयी प्रकार 12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा, जो कि इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण होगा। 12 अगस्त 2026 को रात 9 बजकर 4 मिनट से सूर्य ग्रहण का आरंभ होगा, जो कि अगले दिन 13 अगस्त 2026 की सुबह 4 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगा।
ज्योतिष गणना का आकलन करें तो 12 अगस्त 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में ये ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा और न ही लोगों के जीवन पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा।