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कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे, बोले-RSS के हाथ की कठपुतली है बीजेपी, संघ को हिलाने पर फुफकारती है भाजपा

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे (Karnataka Home Minister Priyank Kharge) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बीच चल रहा विवाद अब बेहद गरमा गया है। खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स एक्स पर भाजपा (BJP) और आरएसएस (RSS) को आड़े हाथों लिया। उन्होंने भाजपा (BJP) को आरएसएस (RSS) के हाथ की कठपुतली करार दिया है।

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जब संघ पर सवाल, तो भाजपा को मिर्च क्यों?

प्रियांक खरगे (Priyank Kharge) ने तंज कसते हुए लिखा कि जब भी आरएसएस (RSS) से कोई सवाल पूछा जाता है, तो तड़प भाजपा उठती है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई संघ की जवाबदेही पर बात करता है, तो भाजपा (BJP) पूरी तरह अपना आपा खो देती है। खरगे के मुताबिक, भाजपा (BJP)  हमेशा से आरएसएस (RSS) की महज एक सहयोगी नहीं, बल्कि उसका एक जरिया यानी टूल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का हर पलटवार सिर्फ यह साबित करता है कि असली कमान किसके हाथ में है।

इतिहास और तिरंगे पर उठाए गंभीर सवाल

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अपने हमले को आगे बढ़ाते हुए कर्नाटक के गृह मंत्री ने आरएसएस (RSS)  के इतिहास पर भी उंगली उठाई। उन्होंने सवाल किया कि जिस संगठन ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं दिया, वह आज पूरे देश को देशभक्ति पर लेक्चर क्यों दे रहा है? इसके साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने में 52 साल का लंबा वक्त क्यों लग गया? खरगे यहीं नहीं रुके, उन्होंने पूछा कि संघ वास्तव में बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान को मानता है या फिर उस संविधान को जिसे वे खुद लिखना चाहते थे?

100 साल पूरे होने पर मांगा हिसाब

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब प्रियांक खरगे (Priyank Kharge)  ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) को एक खुला पत्र लिखा था। संघ अपने अस्तित्व के 100 साल पूरे करने जा रहा है। इसी मौके पर खरगे ने संगठन की कानूनी स्थिति, वित्तीय पारदर्शिता और संवैधानिक जवाबदेही पर सफाई मांगी थी। उनका कहना है कि जिस संगठन की देश-विदेश में 60000 से ज्यादा शाखाएं और करोड़ों स्वयंसेवक हैं, उसे पारदर्शिता और टैक्स नियमों का पूरी तरह पालन करना चाहिए। उन्होंने पूछा कि बिना किसी औपचारिक रजिस्ट्रेशन के इतनी बड़ी गतिविधियां किस कानूनी आधार पर चल रही हैं?

संघ का पलटवार और भाजपा की चेतावनी

आरएसएस और भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने खरगे के सवालों को ‘राजनीतिक स्टंट’ बताते हुए कहा कि उन्हें इस पत्र का जवाब देने की कोई जरूरत नहीं लगता। वहीं, भाजपा के लोकसभा सांसद रमेश जिगाजिनागी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिसने भी आरएसएस को छूने की कोशिश की है, वह बच नहीं पाया है। इस पर खरगे ने पलटवार करते हुए पूछा कि क्या आरएसएस कोई आतंकवादी संगठन है जो सवाल उठाने वालों को खत्म कर देता है? उन्होंने कहा कि वे बाबासाहेब की विचारधारा के अनुयायी हैं और ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।

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