नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बाबासाहेब भीमराव आम्बेडकर पर बयान देकर घिर गए हैं। विपक्ष के नेता इसको लेकर गृहमंत्री पर हमलावर हैं। संसद से लेकर सड़क तक विपक्षी नेताओं की तरफ से इसको लेकर हमला किया जा रहा है। अब आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने इसको लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और चंद्र बाबू नायडू पत्र लिखा है। उन्होंने कहा, बाबा साहेब को चाहने वाले अब बीजेपी का समर्थन नहीं कर सकते, आप भी गहराई से विचार करें।
पढ़ें :- “75 नहीं, 175 साल तक आरक्षण ले लो, हमें नहीं चाहिए”, संविधान 242 सांसदों ने मिलकर बनाया था : बृजभूषण शरण सिंह
नीतीश कुमार को लिखे पत्र में केजरीवाल ने कहा कि, मैं आपको यह पत्र एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर लिख रहा हूं, जो न केवल हमारे संविधान बल्कि बाबासाहेब अम्बेडकर की प्रतिष्ठा से भी जुड़ा है। हाल ही में संसद में, देश के गृह मंत्री अमित शाह जी द्वारा बाबासाहेब के नाम पर की गई टिप्पणी ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। उनका यह कहना कि ‘अम्बेडकर-अम्बेडकर बोलना आजकल फैशन बन गया है‘ न केवल अपमानजनक है बल्कि बीजेपी की बाबासाहेब और हमारे संविधान के प्रति सोच को उजागर करता है।
बीजेपी ने संसद में बाबा साहेब का अपमान किया है। लोगों को लगता है कि बाबा साहेब को चाहने वाले बीजेपी का समर्थन नहीं कर सकते। आप भी इस पर विचार करें।
श्री नीतीश कुमार जी को मेरा पत्र। pic.twitter.com/YLd7lXrqmn
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) December 19, 2024
पढ़ें :- Rajasthan News: पचपदरा रिफाइनरी में आग लगने से मची अफरा-तफरी, PM मोदी कल करने वाले थे उद्घाटन
उन्होंने आगे कहा, बाबासाहेब अम्बेडकर, जिन्हें कोलंबिया विश्वविद्यालय ने “Doctor of Laws” से सम्मानित किया था, जिन्होंने भारत के संविधान को रचा और समाज के सबसे वंचित वर्गों को अधिकार दिलाने का सपना देखा, उनके बारे में ऐसा कहने का साहस आखिर बीजेपी ने कैसे किया? इससे देश भर में करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
बीजेपी ने संसद में बाबा साहेब का अपमान किया है। लोगों को लगता है कि बाबा साहेब को चाहने वाले बीजेपी का समर्थन नहीं कर सकते। आप भी इस पर विचार करें।
My Letter to Shri N Chandra Babu Naidu ji. pic.twitter.com/87pKYTfdDY
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) December 19, 2024
पढ़ें :- अजय राय ने पूछा जसोदा बेन को कब दिया जाएगा सम्मान? भाजपा बताए कि अब तक सर्वोच्च पदों पर कितनी महिलाओं को बैठाया
ये बयान देने के बाद अमित शाह जी ने माफ़ी मांगने की बजाय अपने बयान को उचित ठहराया। प्रधानमंत्री जी ने सार्वजनिक रूप से अमित शाह जी के बयान का समर्थन किया। इसने जले पर नमक छिड़कने का काम किया। लोगों को लगने लगा है कि बाबा साहेब को चाहने वाले अब बीजेपी का समर्थन नहीं कर सकते। बाबासाहेब सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि हमारे देश की आत्मा हैं। बीजेपी के इस बयान के बाद लोग चाहते हैं कि इस मसले पर आप भी गहराई से विचार करें।