Kharmas 2024 : ग्रहों के चाल में होने वाले परिवर्तन का असर जीव जगत पर पडता है। ग्रह मंडल के देवता सूर्य देव जब धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं तो खरमास माना जाता है। जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो फिर खरमास समाप्त हो जाता है। खरमास की अवधि में किसी भी मांगलिक कार्य को करने की मनाही होती है।
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साल 2024 का अंतिम खरमास
साल 2024 में आखिरी खरमास 16 दिसंबर दिन रविवार से शुरू होगा, जो अगले साल यानी 2025 में 14 जनवरी दिन बुधवार को मकर संक्रांति तिथि पर समाप्त होगा।
शास्त्रों के मुताबिक, सूर्य जब बृहस्पति की राशि धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं तो इस दौरान वह अपने गुरु की सेवा में रहते हैं ऐसे में सूर्य का प्रभाव कम हो जाता है। साथ ही सूर्य की वजह से गुरु ग्रह का बल भी कमजोर होता है। शुभ कार्य के लिए इन दोनों ग्रहों की मजबूत होना जरूरी है। यही वजह है कि इसमें मांगलिक कार्य फलित नहीं होते इसलिए इसे अशुभ मास माना गया है।
माना जाता है कि खरमास के महीने में धार्मिक यात्रा करने, गरीबों की मदद और पवित्र नदियों में स्नान करने से सारे रोग कष्ट दूर होते हैं और आर्थिक लाभ भी प्राप्त होता है।