कुलगाम। दक्षिण कश्मीर (South Kashmir) के कुलगाम के रेडवानी पाइन इलाके में आतंकियों के साथ चल रही मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष कमांडर बासित अहमद डार (Lashkar-e-Taiba’s top commander Basit Ahmed Dar) समेत तीन आतंकवादियों को मार गिराया है। मारे गए आतंकियों की अभी पहचान नहीं हो सकी है। आतंकियों के शव बरामद कर उनकी पहचान की जाएगी। सुबह ही खबर आई थी कि लश्कर कमांडर बासित अहमद डार (Lashkar-e-Taiba’s top commander Basit Ahmed Dar) में कुलगाम की इस मुठभेड में घिर गया है।
पढ़ें :- 'शतक तो बनते रहेंगे टीम को ट्रॉफी जिताना है...' क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ने से चूकने पर बोले वैभव सूर्यवंशी
दरअसल सुरक्षाबलों को लश्कर के ठिकाने की मौजूदगी के बारे में एक खुफिया इनपुट मिला था जिसके बाद सोमवार को संयुक्त बल इलाके में पहुंचे और तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसका सुरक्षा बलों ने भी जवाब दिया। कश्मीर जोन पुलिस ने अपने X हैंडल से एक पोस्ट में लिखा कि कुलगाम जिले (Kulgam District) के रेडवानी पाइन इलाके में मुठभेड़ शुरू हो गई है। पुलिस और सुरक्षा बल काम पर हैं।
4 मई को हुआ था आतंकी हमला
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पुंछ जिले में गत 4 मई को आतंकवादियों ने भारतीय वायु सेना (IAF) के काफिले पर घात लगाकर हमला कर दिया था। सुरक्षा अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस हमले में IAF का 1 जवान शहीद हो गया, जबकि 4 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि हमला शनिवार शाम को तब हुआ जब वायुसेना का काफिला जिले के सुरनकोट इलाके में सनाई टॉप की ओर बढ़ रहा था। इस हमले में शामिल आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें मार गिराने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया है।
साल में दूसरी बार हुआ हमला
पढ़ें :- पटना: गंगा में डूबी नाव, तीन की मौत, स्थानीय गोताखोर ने बचाई 7 की जान, 4 लोग अब भी लापता
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में सुरक्षा बलों पर यह इस साल का दूसरा ऐसा हमला है। जनवरी में सेना के एक काफिले पर संदिग्ध आतंकवादियों ने भारी गोलीबारी की थी। सुरक्षा अधिकारियों को भारतीय वायुसेना के काफिले पर हमले में आतंकियों के उसी समूह की संलिप्तता का संदेह है, जिन्होंने पिछले साल 21 दिसंबर को बुफलियाज इलाके में सेना की गाड़ियों पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें चार सैनिक मारे गए थे और तीन घायल हो गए थे।