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Lakshmi Panchami 2025 : नवरात्रि में इस दिन पड़ेगी लक्ष्मी पंचमी , जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि

By अनूप कुमार 
Updated Date

Lakshmi Panchami 2025 : हिंदू धर्म में  मां लक्ष्मी की पूजा का खास महत्व है। जीवन में वैभव और समृद्धि प्राप्त करने के लिए माता लक्ष्मी की कृपा का विशेष महत्व है। मां लक्ष्मी प्रसन्न करने के लिए विशेष् प्रकार के व्रत और अनुष्ठान किए जाते है। इसी कड़ी में लक्ष्मी पंचमी का व्रत बहुत विशेष माना जाता है। दरअसल, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि लक्ष्मी पंचमी के रूप में मनाई जाती है। चैत्र नवरात्रि की पंचमी तिथि लक्ष्मी पंचंमी कही जाती है। इस दिन इसका व्रत और माता लक्ष्मी का पूरे विधि-विधान से पूजन किया जाता है। आइए जानते हैं कि कब है लक्ष्मी पंचमी। इसका शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और नियम क्या हैं।

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हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 2 अप्रैल को बुधवार देर रात 2 बजकर 32 मिनट पर हो जाएगी। वहीं इस तिथि का समापन 2 अप्रैल को ही रात में 11 बजकर 49 मिनट पर हो जाएगा। ये ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, 2 अप्रैल बुधवार को ही लक्ष्मी पंचमी का व्रत रखा जाएगा और माता लक्ष्मी का पूजन किया जाएगा।

लक्ष्मी पंचमी के दिन सर्वप्रथम जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए। फिर साफ वस्त्र धारण करने चाहिए।  पूजा स्थल की साफ-सफाई करनी चाहिए। इसके बाद एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर, माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर रखनी चाहिए। इसके बाद पहले भगवान गणेश की उपासना करनी चाहिए। फिर माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान माता लक्ष्मी को पंचामृत से स्नान कराना चाहिए। माता लक्ष्मी को गंध, पुष्प, फल, चंदन, सुपारी, रोली और मौली चढ़ानी चाहिए। माता को मिठाई का भोग भोग लगाना चाहिए. उसके सामने धूप-दीप जलाना चाहिए। पूजा के समय लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. माता लक्ष्मी के विभिन्न मंत्रों का जाप करना चाहिए। लक्ष्मी पंचमी कथा का पाठ करना या सुनना चाहिए. फिर माता की आरती कर पूजा का समापन करना चाहिए|

लक्ष्मी पंचमी के नियम
इस दिन व्रत में फल, दूध, और मिठाई का सेवन करें।
ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
माता लक्ष्मी को पीली कौड़ी चढ़ाएं।
चांदी से संबंधित चीजों का दान न करें।
तेल का दान न करें।

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