लखनऊ। राजधानी के मोहनलालगंज से नाबालिग लड़कियों को शादी के नाम पर राजस्थान बेचने वाले एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पिछले 6 साल से सक्रिय था और अब तक 20 से अधिक किशोरियों को अपना शिकार बना चुका है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि गिरोह के सरगना समेत चार आरोपी अभी फरार हैं।
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वॉट्सऐप पर लगती थी बोली, स्थानीय एजेंटों को मोटा कमीशन
पुलिस पड़ताल के मुताबिक, गिरोह के सदस्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की किशोरियों को निशाना बनाते थे। पहले उनकी तस्वीरें और जानकारी जुटाकर वॉट्सऐप के जरिए राजस्थान भेजी जाती थीं, जहां लड़कियों की बोली लगती थी। सौदा ₹2.5 लाख से शुरू होता था, जिसमें से स्थानीय एजेंटों को ₹1 से ₹1.5 लाख तक का कमीशन मिलता था। सौदा तय होने के बाद परिजनों को पैसों का लालच देकर या लड़कियों को बहला-फुसलाकर राजस्थान भेज दिया जाता था।
दो बहनों की बरामदगी से खुला पूरा नेटवर्क
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ, जब मोहनलालगंज के गनियार गांव से बीते 12 मई को दो नाबालिग बहनें अचानक लापता हो गई थीं। परिजनों की शिकायत पर डीसीपी दक्षिणी के निर्देश पर चार विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस ने सर्विलांस की मदद ली और करीब 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद दोनों किशोरियों को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में बच्चियों ने बताया कि उन्हें शादी के नाम पर राजस्थान बेचने की तैयारी थी।
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तीन आरोपी गिरफ्तार, सरगना समेत चार अब भी फरार
सघन चेकिंग के दौरान पुलिस ने अतरौली क्रॉसिंग के पास से तीन तस्करों को दबोच लिया, जिनसे पूछताछ में इस पूरे सिंडिकेट का पता चला। हालांकि, गिरोह की मुख्य सरगना सोनम और भूपेंद्र चौधरी समेत चार आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं और राजस्थान समेत अन्य राज्यों में फैले इस गिरोह के बाकी संपर्कों को खंगालने में जुटी हैं।