राहुल गांधी ने कहा था कि, देश के युवाओं के साथ ऐसा बर्ताव नहीं किया जाना चाहिए। देश के युवाओं के पास कोई मौका नहीं है। सारे रास्ते बंद हैं। सिर्फ़ कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम का रास्ता खुला है, और उसे भी बर्बाद कर दिया गया है।
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान घायल छात्रों से मुलाकात करने आरएमएल अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उनके साथ प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल भी मौजूद थे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायल छात्रों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग को दोहराया है।
इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि, देश के युवाओं के साथ ऐसा बर्ताव नहीं किया जाना चाहिए। देश के युवाओं के पास कोई मौका नहीं है। सारे रास्ते बंद हैं। सिर्फ़ कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम का रास्ता खुला है, और उसे भी बर्बाद कर दिया गया है।
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi, कांग्रेस महासचिव श्रीमती @priyankagandhi जी और संगठन महासचिव श्री @kcvenugopalmp ने कल हुए युवाओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की बर्बरता और लाठीचार्ज में घायल हुए छात्रों से मुलाकात की।
आज देश में छात्रों का भविष्य रौंदा जा रहा है और आवाज उठाने पर… pic.twitter.com/sa395vUCht
— Congress (@INCIndia) July 21, 2026
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यहां मौजूद छात्र सिर्फ़ एजुकेशन सिस्टम के बारे में ही नहीं, बल्कि अपने भविष्य को लेकर भी शिकायत कर रहे हैं। यह मामला एजुकेशन से कहीं ज़्यादा बड़ा है। भारत के छात्र कह रहे हैं कि भारत में उनका कोई भविष्य नहीं है। धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।
वहीं, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष ने मांग की है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सदन में अपनी विफलताओं पर स्पष्टीकरण दें। वेणुगोपाल ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों के साथ लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की। उन्होंने मांग की कि विपक्ष को नीट और सीबीएसई (CBSE) की गड़बड़ियों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर दिल्ली पुलिस की हिंसा का मुद्दा उठाने के लिए समय दिया जाए।