1. हिन्दी समाचार
  2. क्षेत्रीय
  3. बिहार के ‘कनिष्क नारायण’ बने ब्रिटेन के पहले ‘AI’ मंत्री, मुजफ्फरपुर में खुशियों की लहर

बिहार के ‘कनिष्क नारायण’ बने ब्रिटेन के पहले ‘AI’ मंत्री, मुजफ्फरपुर में खुशियों की लहर

भारतीय मूल के लेबर पार्टी के सांसद 'कनिष्क नारायण' (Kanishk Narayan) ने वैश्विक राजनीति में एक नया इतिहास कायम किया है। ब्रिटेन की नवनियुक्त एंडी बर्नहैम सरकार (Andy Burnham's administration) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 'कनिष्क नारायण' को देश का पहला कैबिनेट स्तर का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) मंत्री नियुक्त किया गया है।

By Sushil Sah 
Updated Date

लंदन/मुजफ्फरपुर। भारतीय मूल के लेबर पार्टी के सांसद ‘कनिष्क नारायण’ (Kanishk Narayan) ने वैश्विक राजनीति में एक नया इतिहास कायम किया है। ब्रिटेन की नवनियुक्त एंडी बर्नहैम सरकार (Andy Burnham’s administration) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए ‘कनिष्क नारायण’ को देश का पहला कैबिनेट स्तर का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) मंत्री नियुक्त किया गया है। यह गौरव हासिल करने के साथ ही कनिष्क ब्रिटेन के पहले पूर्णकालिक ‘AI’ मंत्री बन गए हैं। इस खबर के आते ही उनके पैतृक राज्य बिहार, विशेषकर मुजफ्फरपुर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।

पढ़ें :- ‘बंटवारा 1947’ के लिए सनी देओल को मिले करोड़ रूपये ? प्रीति जिंटा की फीस भी जानकर चौंक जाएंगे

मुजफ्फरपुर से शुरू हुआ था सफर

‘कनिष्क नारायण’ का पैतृक गांव वैशाली जिले के गोरल में स्थित है। उनका जन्म नवंबर 1989 में बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में हुआ था। उनकी शुरुआती स्कूली शिक्षा मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित ‘प्रभात तारा स्कूल’ से हुई थी। उनके दादा मुजफ्फरपुर के सुप्रसिद्ध SKJ Law College के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। आपको बता दें कि कनिष्क जब करीब 12 वर्ष के थे, तब उनका परिवार ब्रिटेन के ‘वेल्स’ में जाकर बस गया था।

ऑक्सफोर्ड से स्टैनफोर्ड और फिर ब्रिटिश संसद तक

कनिष्क ने विश्व प्रसिद्ध ‘Oxford University’ से स्नातक की डिग्री ली और इसके बाद अमेरिका की ‘Stanford University’ से MBA किया। राजनीति में आने से पहले वे सिविल सेवा में रहे और ब्रिटिश सरकार के लिए पर्यावरण और व्यापार जैसे मंत्रालयों में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में कार्य किया। साल 2024 के ब्रिटिश आम चुनाव में कनिष्क नारायण ने वेल्स की ‘वेल ऑफ ग्लैमरगन’ सीट से ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। वह वेल्स क्षेत्र से ब्रिटिश संसद के लिए चुने जाने वाले पहले अश्वेत और अल्पसंख्यक (Black people and minorities) समुदाय के सांसद बने थे।

पढ़ें :- हल्द्वानी की बेटी 'रेणु धरियाल' ने भारत के नाम किया दुनिया में सबसे लंबे बालों का 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड'

कैबिनेट मंत्री के रूप में संभालेंगे डिजिटल भविष्य की कमान

आपको बता दें कि इससे पहले कनिष्क कीर स्टार्मर सरकार में एआई और ऑनलाइन सुरक्षा के जूनियर मंत्री के रूप में काम कर रहे थे। तकनीकी क्षेत्र में उनके बढ़ते प्रभाव और विशेषज्ञता को देखते हुए नई बर्नहैम सरकार ने इस पद को कैबिनेट स्तर पर अपग्रेड कर दिया है। एआई मंत्री के रूप में अब ‘कनिष्क नारायण’ को ब्रिटेन की एआई रणनीतियों को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने, डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने और नई तकनीकों के विकास की पूरी जिम्मेदारी दी जाएगी।

मातृभूमि से बना हुआ है गहरा लगाव

करीब 20 सालों से अधिक समय ब्रिटेन में बिताने के बावजूद कनिष्क अपनी जड़ों को अभी भी नहीं भूले हैं। इस वर्ष की शुरुआत में ही वह करीब 24 साल बाद अपनी मातृभूमि बिहार लौटे थे। इस दौरान मुजफ्फरपुर में उनका भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया था, जहां उन्होंने बिहार और भारत के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया था। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बिहार के नागरिकों और राजनेताओं ने ढ़ेर सारी शुभकामनाएं और बधाई संदेश भी भेजे हैं।

पढ़ें :- AI ने तैयार किए 16 नए वायरस, इलाज की नई उम्मीद के साथ जैविक हथियार का खतरा भी बढ़ा
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...