उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारी जाम से हो रही परेशानी को देखते हुए नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। अब ऑटो टेम्पो के वजह से जो भीड़ रही थी उसके लिए नए स्टैंड बनाने की अनुमति दी गयी है। ये मामला करीब ढाई साल से अटका था जिसे अब सुलझा दिया गया है।बता दें की नगर निगम ने शहर में 83 जगहों पर ऑटो-टेंपो स्टैंड बनाने की मंजूरी दे दी है। इससे जाम की समस्या कम होगी और अवैध स्टैंड पर रोक लगेगी।
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6200 ऑटो-टेंपो चलते हैं राजधानी में
दरअसल राजधानी में करीब 6200 ऑटो-टेंपो चलते हैं, लेकिन स्टैंड को लेकर इनके जगह फिक्स नहीं है। इसी वजह से कई जगहों पर अवैध स्टैंड बन गए हैं, जहां चालकों से अवैध वसूली होती है। जिसे रोकने और स्थिति को सुधारने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त कमिटी ने सर्वे किया था.। सर्वे में 83 जगहों को स्टैंड के लिए चिन्हित किया गया। जैसे पिछले साल चारबाग, दुबग्गा, पॉलिटेक्निक चौराहा, चिनहट तिराहा और टेढ़ी पुलिया चौराहे पर ट्रायल भी किया गया था. इन स्टैंड से 534 ऑटो-टेंपो चलते थे. तय नियमों के अनुसार, हर ऑटो का सालाना लाइसेंस शुल्क 2000 रुपये रखा गया था. साथ ही टेंपो-टैक्सी असोसिएशन रोजाना 20 रुपये वसूल रहा था।वहीं 6 महीने बाद ट्रायल बंद हो गया। अब नगर निगम की मंजूरी के बाद अब जल्द ही स्टैंड संचालन के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे लखनऊ में ट्रैफिक की व्यवस्था सुधरेगी।