वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम (Shri Kashi Vishwanath Dham) में सनातन परंपरा को समृद्ध करने वाला महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) का शुभ और भावपूर्ण नवाचार पर्व इस वर्ष 15 फरवरी को श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व (Mahashivratri Festival) के नवाचार में कई प्रसिद्ध देवालयों और देवी देवताओं द्वारा भगवान विश्वनाथ के इस महापर्व पर शुभेच्छपूर्वक उपहार प्रेषित किए जाने का विहंगम प्रयोग है। इसी श्रृंखला में 7 फरवरी को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board) की ओर से भगवान श्री विश्वेश्वर (श्री काशी विश्वनाथ महादेव) के लिए उपहार और प्रसाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास कार्यालय में प्राप्त हुआ।
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इस पावन भेंट के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास (Shri Kashi Vishwanath Temple Trust) मां वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के प्रति आभार
किया है। यह नवाचार महाशिवरात्रि पर्व के महोत्सव को और ज्यादा आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान करने वाली है। माता वैष्णो देवी शक्ति स्वरूप की ओर से काशी में स्थित भगवान विश्वनाथ को अर्पित यह पावन उपहार शाश्वत शक्ति–शिव संबंध का सजीव प्रतीक है। महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर प्राप्त यह उपहार श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक अनुभूति का विशेष माध्यम बनेगा और सनातन संस्कृति की मूल भावना को जनमानस के समक्ष सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगा।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, महाशिवरात्रि पर्व (Mahashivratri Festival) पर भगवान श्री विश्वेश्वर के लिए यह पावन उपहार प्रेषित करने के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के प्रति हार्दिक धन्यवाद और कृतज्ञता ज्ञापित करता है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास मां वैष्णो देवी के प्रधान उत्सव पर भगवान विश्वनाथ की ओर से मां वैष्णो देवी को भी उपहार प्रेषित कर सनातन आस्था के केंद्रों के मध्य स्थाई पुण्य संबंधों को सशक्त करने के प्रति संकल्पित है।
बाबा का स्वरूप अत्यंत राजसी और दिव्य दिखाई देगा, जो शिव-विवाह की गरिमा को और भी भव्य बनाएगा
इसके अलावा अन्य जगहों से भी बाबा विश्वनाथ (Lord Vishwanath) और गौरा मइया (Mata Gaura) के लिए उपहार आ रहे हैं। इस बार महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ (Lord Vishwanath) और माता गौरा (Mata Gaura) को जो परिधान धारण कराए जाएंगे, वह असम के ऐतिहासिक नगर शिवसागर से विशेष रूप से मंगाए गए हैं। बाबा विश्वनाथ (Lord Vishwanath) की चल प्रतिमा को असमिया पुरुष परिधान ‘चेलेंग और गसोमा’ (Cheleng and Gasoma) धारण कराया जाएगा। इस परिधान में बाबा का स्वरूप अत्यंत राजसी और दिव्य दिखाई देगा, जो शिव-विवाह की गरिमा को और भी भव्य बनाएगा।