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Masik Shivratri 2026 : पुरुषोत्तम मास मासिक शिवरात्रि पर बेलपत्र से करें महादेव की पूजा , करें भस्म अर्पित

By अनूप कुमार 
Updated Date

Masik Shivratri 2026 :  ज्येष्ठ अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है। इस विशेष दिन महादेव की पूजा करने से मनोवांक्षित फल प्राप्त होता है। अधिक मास के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु हैं, इसलिए धार्मिक मान्यता है कि इस माह में किए गए व्रत, जप, तप और पूजन का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। यह विशेष माह लगभग हर तीन वर्ष में एक बार आता है। इसी प्रकार हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है।

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मासिक शिवरात्रि 2026: तिथि और मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 13 जून 2026, शनिवार को प्रारंभ होगी. चूंकि शिवरात्रि की मुख्य पूजा निशिता काल (मध्यरात्रि) में की जाती है, इसलिए मासिक शिवरात्रि का व्रत 13 जून 2026 को रखा जाएगा।

मासिक शिवरात्रि के दिन शिवलिंग या निकट के शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। शिवलिंग पर भगवान शिव को प्रिय शुद्ध जल, गंगाजल, कच्चा दूध, दही, शहद और घी अर्पित करें। इसके बाद चंदन का तिलक लगाएं तथा बेलपत्र, धतूरा, मदार के फूल, शमी के पत्ते और भस्म अर्पित करें। फिर फल और मिष्ठान का भोग लगाएं।

अंत में दीपक या कपूर जलाकर महादेव की आरती करें और उनकी कृपा प्राप्त करने की प्रार्थना करें।

भगवान शिव के मंत्र
ॐ नमः शिवाय।
ॐ पशुपतये नमः।
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

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