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मथुरा : SSP ने एक ही के गांव 26 फरार साइबर ठगों पर, 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया, यूपी का जामताड़ा है ये गांव

By हर्ष गौतम 
Updated Date

"तस्वीर खबर के चित्रण के लिए AI द्वारा बनाई गई है"

Mathura: मथुरा में साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। एसएसपी श्लोक कुमार ने शेरगढ़ थाना क्षेत्र के विशंभरा गांव के 26 फरार साइबर ठगों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। जिले में यह पहली बार है, जब एक साथ इतने आरोपियों पर इनाम रखा गया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई जिले में साइबर ठगी के नेटवर्क को खत्म करने और अपराधियों पर शिकंजा कसने की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इन गिरोहों का पूरी तरह सफाया किया जाएगा।

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मथुरा के गोवर्धन, बरसाना, छाता और शेरगढ़ थाना क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव साइबर ठगी के कारण बदनाम हैं। इन गांवों की तुलना जामताड़ा से की जाती है, जहां बड़ी संख्या में साइबर अपराधी सक्रिय रहते हैं। बताया जाता है कि इन गांवों में 80 प्रतिशत से अधिक युवा साइबर ठगी में शामिल हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘टटलू’ कहा जाता है। एसएसपी खुद इन गांवों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। 22 फरवरी को चार सीओ, एक एएसपी, 13 थाना प्रभारियों और 240 पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम ने शेरगढ़ के जंघावली और विशंभरा गांव को घेरकर बड़ी छापेमारी की थी।

इस कार्रवाई में जंघावली गांव से 11 और विशंभरा गांव से 23 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि 46 आरोपी मौके से फरार हो गए थे। गोवर्धन के बाद थाना शेरगढ़ में यह दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। अब फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, कई आरोपी गांव छोड़कर भाग चुके हैं और उनकी लगातार तलाश की जा रही है। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि ये सभी आरोपी शातिर किस्म के साइबर ठग हैं। इनके खिलाफ ऑनलाइन ठगी के साथ-साथ अन्य आपराधिक मामलों में भी मुकदमे दर्ज हैं।

जिन आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया है, उनमें जुबैर, अज्जू उर्फ आजाद, अरशद, इकबाल, हुसैना, मुजाहिद, आविद, आमीन, हाकमीन, साकिर, बंडी उर्फ आमीन, नासिर, हुन्ना उर्फ अख्तर, मुख्तियार, जानू उर्फ जान, अनीस, इरशाद, निजाम, रुस्तम, साहिद, सहरून, इरसाद, मुज्जी उर्फ मुजाहिद और मुद्दीन समेत कुल 26 नाम शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जनता से भी सहयोग मांगा गया है और इन अपराधियों की सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। प्रशासन अब इन साइबर ठगों के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है।

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