Mesha Sankranti 2026 : ज्योतिष शास्त्र में संक्रांति का अर्थ सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना है। वर्ष में 12 संक्रांतियां होती हैं। सूर्य का मेष (उच्च) राशि में प्रवेश (अप्रैल), जो सौर नववर्ष की शुरुआत है। अप्रैल के माह में 14 तारीख को मेष संक्रांति है। इस दिन दान, पुण्य और पवित्र नदियों में स्नान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इन दिनों सूर्य की उच्च ऊर्जा होने के कारण, जातक की कुंडली में सूर्य या शनि की स्थिति खराब होने पर विशेष पूजा से लाभ मिल सकता है।
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गुड़
संक्रांति वाले दिन गुड़ का दान करना बेहद शुभ माना जाता है क्योंकि गुड़ को सूर्य ग्रह से संबंधित भोज्य पदार्थ माना जाता है। ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ता है।
तिल
तिल को अमरता, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। संक्रांति वाले दिन तिल का दान करने से आपको सकारात्मकता प्राप्त होती है। सोई किस्मत भी जाग जाती है।
चावल
हिंदू धर्म में चावल या अक्षत को सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। चावल का दान करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति तो मजबूत होती ही है साथ ही माता लक्ष्मी की कृपा भी आप पर बरसती है।
गेहूं
गेहूं का संबंध भी ज्योतिष में सूर्य ग्रह से माना गया है। यही वजह है कि सूर्य को मजबूत करने के लिए गेहूं का दान करने को कहा जाता है।
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नमक
संक्रांति वाले दिन नमक का दान करना भी शुभ माना गया है। मान्यता है कि नमक का दान करने से आपके जीवन में संतुलन और समृद्धि आती है।