अयोध्या। आजाद समाज पार्टी (Azad Samaj Party) के मुखिया और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी मिल्कीपुर उपचुनाव (Milkipur by-election) में प्रत्याशी उतार दिया है। चंद्रशेखर आजाद ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) से बागी हुए सूरज चौधरी (Suraj Chaudhary) को अपना प्रत्याशी बनाया है। अब सूरज चौधरी आजाद समाज पार्टी के टिकट पर मिल्कीपुर विधानसभा का उपचुनाव लड़ेंगे।
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गौरतलब है कि मिल्कीपुर सीट पर बीजेपी की तरफ से चंद्रभान पासवान (Chandrabhan Paswan) और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की तरफ से अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को प्रत्याशी बनाया गया है। अब आजाद समाज पार्टी ने भी प्रत्याशी उतार कर दलित वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश की है। क्योंकि अब तीनों ही प्रत्याशी पासी विरादरी से आते हैं। ऐसे में अब इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।
सूरज चौधरी ने टिकट न मिलने पर छोड़ी थी सपा
बता दें कि मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव के लिए अजीत प्रसाद (Ajit Prasad) को प्रत्याशी बनाए जाने पर सूरज चौधरी ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) में परिवारवाद का आरोप लगते हुए अपने 500 समर्थकों संग इस्तीफा दे दिया था और भीम आर्मी से जुड़ गए थे। सूरज चौधरी अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद (Ayodhya MP Awadhesh Prasad) के करीबी रहे हैं। सूरज चौधरी ने अवधेश प्रसाद पर भी वडा खिलाफी का आरोप लगाया था। सूरज चौधरी का कहना था कि लोकसभा चुनाव में उन्हें जीतने के लिए बहुत मेहनत की थी। अवधेश प्रसाद ने टिकट दिलाने का वादा किया था, लेकिन जीतने के बाद वे मुकर गए और अपने बेटे को टिकट दिलवा दिया।
तीनों ही प्रत्याशी एक ही विरादरी से होने की वजह से भी चुनाव बना रोचक
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बता दें कि मिल्कीपुर सीट पर बसपा की तरफ से किसी भी प्रत्याशी को नहीं उतारा गया हैं। वहीं कांग्रेस ने भी समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के प्रत्याशी का समर्थन किया है। इस सीट पर आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी उतारने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। तीनों ही प्रत्याशी एक ही विरादरी से होने की वजह से भी चुनाव रोचक दिख रहा है।
मिल्कीपुर सीट पर कुल मतदाता 3.5 लाख
55 हजार पासी, 1.2 लाख अन्य दलित (कोरी आदि), 55 हजार यादव, 60 हजार ब्राम्हण, 30 हजार मुस्लिम, 25 हजार क्षत्रिय, 50 हजार अन्य पिछड़ी जाति।