लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने कहा कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट खण्डपीठ ग्वालियर (Madhya Pradesh High Court Bench Gwalior) में अधिवक्ताओं की मांग व उन्हीं के आर्थिक सहयोग से परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर (Baba Saheb Dr. Bhimrao Ambedkar) की मूर्ति लगाने की अनुमति कोर्ट द्वारा दी गई। इसके साथ ही कोर्ट के निर्देशन में ही स्थान का चयन एवं चबूतरा बनाया गया व मूर्ति भी बनकर तैयार हुई।
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1. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट खण्डपीठ ग्वालियर में अधिवक्ताओं की माँग व उन्हीं के आर्थिक सहयोग से परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति लगाने की अनुमति माननीय कोर्ट द्वारा दी गई तथा कोर्ट के निर्देशन में ही स्थान का चयन एवं चबूतरा बनाया गया व मूर्ति भी बनकर तैयार हुई।
— Mayawati (@Mayawati) May 23, 2025
किन्तु कुछ जातिवादी सोच से ग्रसित अधिवक्ताओं द्वारा मूर्ति स्थापना का विरोध किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ वक्तव्यों के बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं की गई। बाबा साहेब के विरोधियों को यह समझना होगा कि सदियों से उपेक्षित बहुजन समाज अब अपना सम्मान पाना चाहता है।
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3. मध्य प्रदेश के माननीय राज्यपाल, माननीय उच्च न्यायालय तथा मा. मुख्यमंत्री जी भी मूर्ति लगाने में आ रही बाधाओं को दूर करके, तत्काल उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में संविधान निर्माता, भारतरत्न बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति को सम्मानपूर्वक स्थापित कराएं, यह अनुरोध।
— Mayawati (@Mayawati) May 23, 2025
मायावती (Mayawati) ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि मध्य प्रदेश के राज्यपाल, उच्च न्यायालय व मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मूर्ति लगाने में आ रही बाधाओं को दूर करके, तत्काल उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर (High Court Bench Gwalior) में संविधान निर्माता, भारतरत्न बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति को सम्मानपूर्वक स्थापित कराएं, यह अनुरोध है।