लखनऊ। उत्तर प्रदेश (UP) में इस बार 20 जून तक मानसून (Uttar Pradesh Monsoon) आने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग (Meteorological Department) के वैज्ञानिक अतुल कुमार (Scientist Atul Kumar) की माने तो इस बार मानसून 10 दिनों की देरी से सोनभद्र (Sonbhadra) के रास्ते से प्रदेश में दाखिल होगा। पिछले साल भी मानसून (Monsoon) आने में देरी हुई थी।
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कटिबंधीय अनियमितताओं के चलते देरी
अगर हम पिछले 8 सालों का रिकॉर्ड देखे तो महज एक बार ही समय से मानसून उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh Monsoon) में दाखिल हुआ था, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का नहीं बनना और बंगाल की खाड़ी का लगातार शुष्क होने से हवाओ में नमी नहीं आ पा रही है। जिसके कारण से मानसून (Monsoon) के राज्यो में पहुंचने में देरी रिकॉर्ड की जा रही है। वैसे तो 1 जून को ही मानसून का सही समय भारत मे आने का माना जाता है और मानसून (Monsoon) पहली जून में केरल के समुद्री तट से भारत मे आता है, लेकिन कटिबंधीय अनियमितताओं के कारण आद्रता में कमी के कारण मानसून (Monsoon) में देरी दर्ज की जा रही है।