Navratri Kharab Rahu Upay : मां दुर्गा की उपासना को समर्पित नवरात्रि में माता रानी की विशेष पूजा करके अशुभ प्रभाव देने वाले ग्रहों को ठीक किया जा सकता है। मां दुर्गा की उपासना में श्रीदुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है। शक्ति की देवी दुर्गा दुष्टों का नाश करतीं हैं और अपने भक्तों पर कृपा करतीं है। मान्यता है कि जो भक्त नवरात्रि के 9 दिनों में मां दुर्गा की पूरे भक्ति भाव से पूजा-उपासना करता है उसकी समस्त मनोकामननाएं पूर्ण होती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु ग्रह को नियंत्रित करने की ताकत केवल देवी दुर्गा में ही है। मां दुर्गा ही राहु को नियंत्रित करती हैं। इसलिए राहु दोष को दूर करने के लिए मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है। मां दुर्गा के मंत्रों का जाप किया जाता है। आइये जानते है।
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नवरात्रि में, राहु के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए, मां दुर्गा की पूजा करें, उनके मंत्रों का जाप करें, और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
श्री दुर्गा सप्तशती
नवरात्रि के 9 दिनों में रोजाना श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
शिव की पूजा
गरीब कन्या का विवाह कराना भी राहु के अशुभ प्रभाव को कम कर सकता है।
भगवान शिव की पूजा भी राहु के बुरे प्रभाव से निजात दिलाता है।
तिल का दान
लिहाज नवरात्रि के 9 दिनों तक भगवान शिव को रोजाना लौंग अर्पित करें। भगवान शिव की पूजा करें और काले तिल का दान करें।
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तामसिक आहार
तामसिक आहार व मदिरापान बिल्कुल न करें।
मां सरस्वती की पूजा
राहु के दुष्प्रभाव से बचने के लिए प्रतिदिन मां सरस्वती की पूजा करनी चाहिए।
शिव सहस्त्रनाम और हनुमान सहस्त्रनाम
अगर नवरात्र में आप हर दिन शिव सहस्त्रनाम और हनुमान सहस्त्रनाम का पाठ करते हैं तो कुंडली में राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव खत्म हो जाते हैं।