नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने नीट यूजी (NEET UG) मामले पर फैसला सुना दिया है। 5 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा (NEET UG Exam) विवादों के साये में है। नीट यूजी पेपर लीक (NEET UG Paper Leak) से शुरू हुआ मामला नकल और रिजल्ट में हेरा-फेरी जैसे आरोपों से भी घिर गया था। SC ने पेपर लीक, गलत प्रश्नपत्र के वितरण और भौतिकी के एक प्रश्न के गलत विकल्प के लिए अंक देने के मामले में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (National Testing Agency) की ढुलमुल नीति की आलोचना की।
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सरकार द्वारा गठित समिति के कार्यक्षेत्र पर सीजेआई ने कहा है कि इसमें मूल्यांकन समिति शामिल होगी। मानक संचालन प्रक्रिया में बदलवा किया जाएगा। परीक्षा केंद्र आवंटित करने की प्रक्रिया की समीक्षा करना अनिवार्य होगा। पहचान जांच बढ़ाने की प्रक्रिया पर जोर देना चाहिए। परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी (CCTV) निगरानी सुनिश्चित करनी होगी। नीट यूजी प्रश्नपत्रों में हेराफेरी न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए लॉजिस्टिक को सुरक्षित करना होगा।
कमेटी एक मजबूत शिकायत निवारण तंत्र की सिफारिश करेगी : CJI
सीजेआई (CJI) ने कहा कि कमेटी डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल की सिफारिश करेगी ताकि सभी संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रहे और लीक से भी बचा जा सके। इलेक्ट्रॉनिक फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड किए जाएंगे। साइबर सुरक्षा को ऑडिट करना भी जरूरी है। साइबर सुरक्षा उपायों के नवीनतम रुझानों का पालन किया जाना चाहिए। नीति और हितधारक जुड़ाव का ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि जो भी परेशानियां हों, उन्हें संभालने में NTA सक्षम हो। दिव्यांगों के लिए प्रवेश में बाधा कम करने के लिए उपायों की सिफारिश करें ताकि समानता हो।
नीट यूजी पेपर को भेजने के लिए हो नई व्यवस्था
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सीजेआई (CJI) ने नीट यूजी पर फैसला सुनाते हुए कहा कि पेपर को खुले ई-रिक्शा के बजाय रियल टाइम इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम (Real Time Electronic Lock System) के साथ बंद वाहन में भेजे जाने की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए। कमेटी छात्रों की मेंटल हेल्थ से जुड़े कार्यक्रमों के लिए योजनाओं की सिफारिश करेगी। एनटीए (NTA) सदस्यों, परीक्षकों, कर्मचारियों आदि के प्रशिक्षण की व्यवहार्यता पर विचार करेगी ताकि सभी परीक्षा की अखंडता को अच्छी तरह से संभालने के लिए सुसज्जित हों।
सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी 2024 पर क्या फैसला सुनाया?
1- एग्जाम देने वाले कैंडिडेट की पहचान सुनिश्चित करना।
2- नीट यूजी पेपर लीक को रोकने के लिए स्टोरेज के लिए SOP तैयार करना।
3- अगर किसी की शिकायत का निवारण SC के फैसले से हुआ है तो वो HC जा सकता है।
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4- हमारा निष्कर्ष है कि पेपर लीक systematic नहीं है।
5- पेपर लीक व्यापक स्तर पर नहीं हुआ है।
6- NTA को आगे के लिए ध्यान रखते हुए इस इस तरह की लापरवाही से बचना चाहिए।
7- हम NEET यूजी री एग्जाम की मांग को खारिज कर रहे हैं।