नई दिल्ली: केंद्र नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के अध्यक्ष का चयन कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के पूर्व न्यायाधीश वी. रामसुब्रमण्यम (Former Supreme Court judge V. Ramasubramanian) को एनएचआरसी (NHRC) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। रिटायर्ड न्यायमूर्ति अरुण कुमार मिश्रा का बीते एक जून को कार्यकाल पूरा हो गया था। जिसके बाद से ही एनएचआरसी अध्यक्ष का पद रिक्त चल रहा था।
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न्यायमूर्ति श्री मिश्रा के पद छोड़ने के बाद एनएचआरसी (NHRC) की सदस्य विजया भारती सयानी को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था। एनएचआरसी (NHRC) को नियंत्रित करने वाले कानून के मुताबिक, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के अध्यक्ष का चयन करने वाली समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। समिति में लोकसभा अध्यक्ष, गृह मंत्री, दोनों सदनों के विपक्ष के नेता और राज्यसभा के उपसभापति सदस्य होते हैं।
जस्टिस वी. रामसुब्रमण्यम का जन्म तमिलनाडु के मन्नारगुडी में 30 जून 1958 को हुआ था। वी. रामसुब्रमण्यम भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हैं। वह हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। साथ ही वी. रामसुब्रमण्यम मद्रास हाई कोर्ट और तेलंगाना हाईकोर्ट के भी पूर्व न्यायाधीश रह चुके हैं। वी. रामसुब्रमण्यम 29 जून 2023 को सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए थे। सुप्रीम कोर्ट में अपने कार्यकाल के दौरान वी. रामसुब्रमण्यम ने 102 फैसले किये। वी. रामसुब्रमण्यम उन बेंचों के सदस्य रह चुके हैं जिसने साल 2016 की विमुद्रीकरण नीति और रिश्वतखोरी के मामलों में परिस्थितिजन्य साक्ष्य की वैधता से संबंधित दलीलें सुनी थीं।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) एक स्वायत्त विधिक संस्था है। एनएचआरसी की स्थापना 12 अक्टूबर 1993 को हुई थी। एनएचआरसी (NHRC) की स्थापना पेरिस सम्मेलन अधिनियम, 1993 के अन्तर्गत की गयी। एनएचआरसी (NHRC) के प्रथम अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र थे। एनएचआरसी देश में मानवाधिकारों का प्रहरी है। यह सविंधान द्वारा अभिनिश्चित तथा अन्तरराष्ट्रीय सन्धियों में निर्मित व्यक्तिगत अधिकारों का संरक्षण करता है। यह एक बहु सदस्यीय निकाय है।