पटना। बिहार की राजनीति में एक नई हलचल देखने को मिल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अब अपनी पहली राजनीतिक यात्रा पर निकलने जा रहे हैं। इसे उनके सार्वजनिक राजनीतिक सफर की शुरुआत माना जा रहा है। इस यात्रा के लिए खास तौर पर एक हाईटेक रथ तैयार किया गया है, जिसे ‘निश्चय रथ’ नाम दिया गया है। निशांत कुमार अपनी यात्रा की शुरुआत पश्चिमी चंपारण से करेंगे। जदयू की ओर से इसे एक बड़े राजनीतिक अभियान के रूप में देखा जा रहा है।
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नीतीश कुमार के रास्ते शुरूआत करेंगे सफर निशांत कुमार
पार्टी का कहना है कि जिस तरह नीतीश कुमार ने अपनी कई महत्वपूर्ण यात्राओं की शुरुआत चंपारण से की थी, उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए निशांत भी यहीं से जनता के बीच जाएंगे। जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने प्रेस वार्ता में बताया कि यात्रा का पहला चरण 3 और 4 मई को होगा। इस दौरान निशांत कुमार पश्चिमी चंपारण और पूर्वी चंपारण के जिलों में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इसके बाद दूसरे चरण की शुरुआत वैशाली से की जाएगी। इस पूरे अभियान को ‘सद्भाव यात्रा’ नाम दिया गया है, जिसका नामकरण खुद निशांत कुमार ने किया है।
यात्रा का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करना बताया जा रहा है। निशांत कुमार इस दौरान अपने पिता नीतीश कुमार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की जानकारी भी जनता तक पहुंचाएंगे। साथ ही लोगों की समस्याएं सुनने और कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क मजबूत करने की कोशिश करेंगे।
जदयू के प्रमुख नेता यात्रा मे होंगे शामिल
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जदयू नेताओं के अनुसार, इस यात्रा में विधायक दल के नेता श्रवण कुमार, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, स्थानीय विधायक, सांसद और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे। पार्टी का कहना है कि निशांत कुमार युवा सोच, सरल स्वभाव और व्यवहारकुशलता के साथ संगठन को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं। जिस ‘निश्चय रथ’ से यह यात्रा निकलेगी, उस पर एनडीए सरकार की प्रमुख योजनाओं और उपलब्धियों को प्रमुखता से दर्शाया गया है। इसमें जीविका दीदी योजना, साइकिल योजना, नियुक्ति पत्र वितरण, बिहार पुलिस में महिला भर्ती, बापू टावर और मरीन ड्राइव जैसे विकास कार्य शामिल हैं।
‘बहन-बेटियों के सपने साकार ,धन्यवाद नीतीश कुमार’
रथ पर कई राजनीतिक संदेश भी लिखे गए हैं, जिनमें ‘रोजगार मतलब नीतीश सरकार धन्यवाद नीतीश कुमार’ और ‘बहन-बेटियों के सपने साकार ,धन्यवाद नीतीश कुमार’ जैसे कई नारे प्रमुख हैं। साफ है कि इस यात्रा के जरिए जदयू एक बार फिर नीतीश कुमार के विकास मॉडल को जनता के बीच मजबूत तरीके से पेश करना चाहती है। निशांत कुमार की यह यात्रा सिर्फ एक राजनीतिक दौरा नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में उनकी औपचारिक एंट्री के रूप में भी देखी जा रही है, जिस पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।