नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने सोमवार को चीन के मुद्दे (China Issue) पर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद नहीं चल रही है, जबकि वह इस विषय पर सदन में बोलना चाहते थे। दुबे ने नेता विपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandh) पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि इतना कमजोर विपक्ष और ‘लीडर ऑफ प्रोपेगैंडा’ (Leaders of Propaganda) जैसा नेता उन्होंने लोकतंत्र में पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि नासमझी को घमंड में बदलकर विपक्ष लगातार बयानबाजी कर रहा है।
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चीन के साथ नेहरु गांधी परिवार का याराना पुराना है ।1950 में तिब्बत दान करने के बाद 1962 में 38 हजार वर्ग किलोमीटर ज़मीन दे दिया,इतने से भी संतुष्ट नहीं हुए,चीन को पूरा देश तबाह करने का लाइसेंस दे दिया ।यह जबाब संसद में 1969 का है pic.twitter.com/AstMDey1TT
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) March 9, 2026
उन्होंने कहा कि सवाल चीन का है और पूरी दुनिया जानती है कि चीन पहले भारत का पड़ोसी नहीं था। उस समय नेपाल, भूटान और तिब्बत तीन बफर स्टेट थे। 1950 में तिब्बत पर चीन का नियंत्रण स्थापित होने के बाद चीन भारत का पड़ोसी बना। दुबे ने कहा कि 1962 के भारत-चीन युद्ध में चीन ने लगभग 38 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र, जिसमें अक्साई चिन शामिल है, पर कब्जा कर लिया। उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद भी कई सवाल अनुत्तरित रहे।
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इंदिरा गांधी पर तीखी टिप्पणी
उन्होंने आरोप लगाया कि 1969 में तत्कालीन सरकार के गृहमंत्री विद्याचरण शुक्ला ने संसद में कहा था कि चीन ने 1962 के बाद किस तरह अपने जासूसों को दूतावास के जरिए सक्रिय किया और भारत में आर्थिक तथा वैचारिक प्रभाव बढ़ाने की कोशिश की। निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी पर भी तीखी टिप्पणी की। बाद में राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए दुबे ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर संसद में चर्चा से बच रहा है। उनका कहना था कि यदि इस विषय पर चर्चा होती है तो कई बातें सामने आ जाएंगी।